छत्तीसगढ़

पत्थलगांव गुरुकुल कॉलेज के नाम पर ठगी, फर्जी मिलिट्री ऑफिसर बनकर बस संचालक से 10 हजार की ठगी, पुलिस में लिखित शिकायत

जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।

जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित गुरुकुल कॉलेज के नाम का इस्तेमाल कर कथित तौर पर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को आनंद कुमार सिंह नामक मिलिट्री ऑफिसर बताते हुए बस संचालक से रायपुर के शंकर नगर जाने के लिए बस बुक कराई और बाद में भुगतान करने के नाम पर अलग-अलग तरीके से विश्वास में लेकर 10 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पत्थलगांव के गुरुकुल कॉलेज से रायपुर शंकर नगर के लिए 42 हजार रुपये में बस बुकिंग की थी। बस संचालक के अनुसार, बुकिंग के बाद जब बस गुरुकुल कॉलेज पहुंची तो कथित मिलिट्री ऑफिसर ने भुगतान करने के बजाय एक ऐसा तरीका अपनाया, जिसके जरिए बस संचालक से ही 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए।

सेना के अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी का आरोप

इस मामले ने इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि शिकायत के मुताबिक ठगी करने वाले व्यक्ति ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर बस संचालक का भरोसा जीतने की कोशिश की। आमतौर पर सेना के नाम और वर्दी से जुड़ी पहचान को लोग सम्मान और विश्वास की नजर से देखते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से सैन्य अधिकारी बनकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है, तो यह केवल ठगी का मामला नहीं बल्कि भारतीय सेना की प्रतिष्ठा और लोगों के भरोसे के साथ भी खिलवाड़ है। ठगी करने वाले गिरोह नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी अधिकारी बनकर, कभी पुलिसकर्मी बनकर तो कभी किसी प्रतिष्ठित संस्था के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता है। इस मामले में भी गुरुकुल कॉलेज और मिलिट्री ऑफिसर की पहचान का कथित इस्तेमाल कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

42 हजार की बस बुकिंग, भुगतान के बजाय संचालक से ही करा लिया 10 हजार का ट्रांसफर

बस संचालक को उम्मीद थी कि रायपुर तक बस ले जाने के बाद उसे निर्धारित 42 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। लेकिन बस पहुंचने के बाद कथित आरोपी ने भुगतान करने के बजाय ऑनलाइन लेन-देन से जुड़ी प्रक्रिया के नाम पर बस संचालक को अपने झांसे में लिया और उससे 10 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए। जब बस संचालक को पूरे मामले का अहसास हुआ तो उसने मामले की शिकायत पुलिस से की।

पुलिस से कड़ी कार्यवाही की मांग

ठगी का शिकार हुए बस संचालक ने संबंधित थाना में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से यह भी मांग की है कि जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर सेना के अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी की है, उसकी पहचान की जांच की जाए तथा उससे ठगी की रकम वापस दिलाई जाए।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच

अब इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। कथित आरोपी वास्तव में सेना से जुड़ा है या नहीं, गुरुकुल कॉलेज के नाम का इस्तेमाल किस आधार पर किया गया, बस बुकिंग किसने कराई और 10 हजार रुपये किस खाते/फोन-पे नंबर पर ट्रांसफर हुए, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है। साथ ही पुलिस को ऑनलाइन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल, चैट और बैंकिंग लेन-देन की जांच कर पूरे मामले की तह तक पहुंचना होगा। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्यवाही जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति भारतीय सेना, शैक्षणिक संस्थान या किसी सरकारी पद की पहचान का सहारा लेकर आम लोगों को अपना शिकार न बना सके।फिलहाल मामले की पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरी ठगी किस तरीके से की गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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