जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
विकासखण्ड मुख्यालय से लगभग 20-25 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत सोखामुड़ा, भ्रष्टचार के मामले में एक अलग ही पहचान बनने जा रहा है। सरपंच-सचिव सरकारी खजाने को ऐसे लूट रहे हैं जैसे सरकार गांव का विकास के लिए नहीं सरपंच-सचिव के विकास के लिए लाखों -लाखों रूपये जारी कर रहे हैं। सरपंच-सचिव की लपरवाही के कारण पंचायत का अधिकत्तर काम अधूरा पड़ा हुआ है। सरपंच ने हमारी टीम को बताया कि नाली का काम अधूरा है निर्माण कार्य का समान गिरा चूका हूं अधूरा काम को पूरा कर दूंगा। जब सरपंच पति से पूछा गया कि राशि तो आहरण कर लिया गया तो उन्होंने बताया कि हां रूपये तो निकाल लिए है पर अब हम होग काम पूरा कर देंगे। अब आप सोच सकते हैं कि सरकारी राशि का किस प्रकार से दुरूपयोग करते हैं सरपंच-सचिव। मजेदार बात है कि इंजीनियर क्या घर में बैठकर मुल्यांकन करते हैं, अगर इंजीनियर कार्य स्थल पर जाकर मूल्यांकन करते तो शायद ही शासकीय राशि का फर्जीवाड़ा होता।
पंचायत भवन का काम हुआ नहीं और निकाल लिए पुरी राशि
शासन द्वारा पंचायत भवन का मरम्मत के लिए राशि जारी किया था। ताकि ग्राम पंचायत को एक सुंदर सा पंचायत भवन मिल सके लेकिन इस पर भी पंचायत सचिव और सरपंच का गिद नजर पड़ गई और लाखों रूपये आहरण कर लिए बिना काम शुरू किए। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव फिलीफ खलखो से बात करने पर बताया कि दो लाख रूपये पंचायत भवन के लिए शासन से जारी हुआ था। जिसको हमारे द्वारा एडवांस में निकाल लिया गया है, दुकान से सामान लाने के लिए अब सवाल उठता है कि ऐसा क्या जरूरत पड़ा कि सरपंच-सचिव को एक साथ पूरी की पूरी रकम आहरण करना पड़ा। पंचायत भवन मरम्मत के लिए निर्माण सामग्री के साथ-साथ मजदूरी भुगतान भी करना होता है तो फिर किस हिसाब से शासकीय राशि का आहरण किया गया है।
सामान के लिए ओम साई हार्डवेयर को दिया हूं एडवांस- सरपंच पति
महिला सरपंच होने के कारण पंचायत का काम सरपंच पति संभाल रखे हैं, सरपंच पति ने हमारे टीम को बताया कि पंचायत भवन का मरम्मत का काम जल्दी शुरू करवा दूंगा। दुकानदार उधारी में समान नहीं देते हैं इसलिए धरमजयगढ़ बस स्टैण्ड में ओम साई हर्डवेयर को एडवांस में रूपये दिया हूं। लेकिन समान नहीं दे रहे हैं इसलिए देर हो रहा है। दुकानदार बोले हैं 15 दिन में समान दे दूंगा उसके बाद काम शुरू होगा। तो क्या सरकारी राशि इस प्रकार से किसी भी दुकानदार को बिना समान लिए ही देने का नियम है।
शासकीय राशि की हेरा-फेरी करने वालों की शिकायत होगा उच्चअधिकारियों के पास
अब देखना होगा कि समाचार प्रकाशन के बाद स्थानीय प्रशासन एवं जनपद पंचायत सीईओ क्या कार्यवाही करते हैं। अगर धरमजयगढ़ जनपद पंचायत अधिकारी सोखामुड़ा पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही नहीं करते हैं तो इसकी शिकायत कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ से लेकर शासन स्तर तक किया जायेगा।








