जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ में प्रतिवर्ष भव्य दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यहां होने वाला दुर्गा पूजा आयोजन क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखता है और पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आम नागरिक शामिल होते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान स्थानीय दुकानदार भी अपनी दुकानें लगाकर व्यापार करते हैं, जिससे उन्हें वर्ष के इस प्रमुख आयोजन से अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है। इसी बीच इस वर्ष दुर्गा पूजा में मीना बाजार लगाए जाने को लेकर स्थानीय दुकानदारों ने आपत्ति जताई है। दुकानदारों का कहना है कि बाहर से आने वाले बड़े मीना बाजार को जगह मिलने से स्थानीय छोटे व्यापारियों के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि दुर्गा पूजा समिति द्वारा मीना बाजार संचालकों को अपेक्षाकृत अधिक स्थान उपलब्ध कराया जाता है, जबकि स्थानीय दुकानदारों को दुकान लगाने के लिए छोटी-छोटी जगह दी जाती है। उनका कहना है कि स्थानीय व्यापारी पूरे साल क्षेत्र में व्यापार करते हैं और नगर की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में दुर्गा पूजा जैसे बड़े स्थानीय आयोजन में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि यदि मीना बाजार के लिए बड़े पैमाने पर स्थान आरक्षित कर दिया जाता है, तो स्थानीय दुकानदारों के सामने सीमित जगह में व्यापार करने की स्थिति पैदा हो जाती है। वहीं मीना बाजार में बाहर से आने वाले व्यवसायियों द्वारा विभिन्न प्रकार की दुकानें लगाए जाने से स्थानीय दुकानदारों की बिक्री प्रभावित होती है।
SDM से अनुमति निरस्त करने की मांग
स्थानीय दुकानदारों ने SDM धरमजयगढ़ से मांग की है कि दुर्गा पूजा के दौरान मीना बाजार लगाने के लिए दी गई अनुमति पर पुनर्विचार करते हुए उसे निरस्त किया जाए। दुकानदारों का कहना है कि यदि प्रशासन स्थानीय व्यापारियों के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेता है, तो इससे वर्षों से दुर्गा पूजा में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है। दुकानदारों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा मेले में दुकान लगाने के लिए जगह का समान एवं व्यवस्थित आवंटन किया जाए, ताकि स्थानीय व्यापारियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो और सभी को व्यापार करने का उचित अवसर मिल सके। अब देखना होगा कि स्थानीय दुकानदारों की इस मांग पर SDM धरमजयगढ़ एवं दुर्गा पूजा समिति क्या निर्णय लेती है। मीना बाजार की अनुमति को लेकर उठी आपत्ति के बाद यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।








