छत्तीसगढ़

खराब सड़क को लेकर आज ग्रामीण करेंगे चक्का जाम खराब सड़क को लेकर आज ग्रामीण करेंगे चक्का जाम

 

जोहार छत्तीसगढ़ -धरमजयगढ़।

पत्थलगांव–धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग पर चरखापारा मवेशी बाजार से ग्राम रैरुमाखुर्द तक अधूरी पड़ी सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने और प्रशासन की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने 28 जुलाई को रैरुमाखुर्द बस स्टैंड के पास चक्काजाम करने का ऐलान कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क को खोदकर डस्ट और गिट्टी डालकर छोड़ दिया है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार, गड्ढों और उबड़-खाबड़ सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 12 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय, एसडीएम कार्यालय धरमजयगढ़ और लोक निर्माण विभाग (PWD) में लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की गई थी। लेकिन करीब 5 से 6 महीने बीत जाने के बावजूद न तो सड़क बनी और न ही ठेकेदार पर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना देकर स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे रैरुमाखुर्द बस स्टैंड के पास चक्काजाम कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करेंगे।
जोहार छत्तीसगढ़ -धरमजयगढ़।

पत्थलगांव–धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग पर चरखापारा मवेशी बाजार से ग्राम रैरुमाखुर्द तक अधूरी पड़ी सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने और प्रशासन की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने 28 जुलाई को रैरुमाखुर्द बस स्टैंड के पास चक्काजाम करने का ऐलान कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क को खोदकर डस्ट और गिट्टी डालकर छोड़ दिया है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार, गड्ढों और उबड़-खाबड़ सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में 12 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय, एसडीएम कार्यालय धरमजयगढ़ और लोक निर्माण विभाग (PWD) में लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की गई थी। लेकिन करीब 5 से 6 महीने बीत जाने के बावजूद न तो सड़क बनी और न ही ठेकेदार पर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना देकर स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे रैरुमाखुर्स स्टैंड के पास चक्काजाम कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करेंगे।

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