जोहार छत्तीसगढ़।
अंबिकापुर में पत्रकारों, एक्टिविस्टों और इंफ्लुएंसरों के साथ कथित मारपीट, धमकी और दबाव बनाने की घटनाओं को लेकर अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से पत्रकारिता से जुड़े लोगों में नाराजगी है। इसी मुद्दे को लेकर पत्रकार सुरक्षा समिति जल्द ही अंबिकापुर में प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने की तैयारी में है। 0पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने अंबिकापुर में आंदोलन किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों के साथ अन्याय और उनके अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकार समाज की समस्याओं और शासन-प्रशासन तक आम जनता की आवाज पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में पत्रकारों को डराने, धमकाने या उनके साथ मारपीट करने की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
पत्रकारों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी
गोविंद शर्मा ने कहा कि पत्रकार शासन और प्रशासन के बीच जनता की आवाज बनकर काम करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार, जनसमस्याओं और प्रशासनिक खामियों को सामने लाने का काम करते हैं। लेकिन कई मामलों में पत्रकारों को ही धमकियों और हमले का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा पत्रकारों को खबरें प्रकाशित नहीं करने के लिए दबाव बनाने, धमकाने और मारपीट करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, पत्रकारों का आरोप है कि कई मामलों में उन्हें सुरक्षा देने के बजाय उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। इससे पत्रकारों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
पत्रकार सुरक्षा समिति का कहना है कि पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं में पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष और संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। यदि किसी पत्रकार के साथ मारपीट या धमकी की घटना होती है तो उसकी शिकायत पर गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पत्रकारों द्वारा किए गए कार्य को आधार बनाकर उन पर दबाव बनाने या झूठे मामलों में फंसाने की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। समिति का कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और आम जनता की आवाज से जुड़ा विषय है।
अंबिकापुर से उठेगी प्रदेशव्यापी आवाज
पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने संकेत दिया है कि अंबिकापुर में प्रस्तावित आंदोलन को प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। आंदोलन के माध्यम से पत्रकारों, एक्टिविस्टों और इंफ्लुएंसरों की सुरक्षा, धमकी और मारपीट की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई तथा पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय आंदोलन किस स्वरूप में सामने आता है और शासन-प्रशासन पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है। फिलहाल अंबिकापुर से उठ रही यह आवाज प्रदेशभर के पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।








