जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में अनियमितता को लेकर पार्षद जानू सिदार द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद नगर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद जानू सिदार ने कुछ दिनों पूर्व एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि कुछ निर्माण कार्यों में बिना कार्य किए ही लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया है। इस मामले में सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी गई थी। अब निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद नगरवासियों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि क्या जानू सिदार भ्रष्टाचार के खिलाफ कल से भूख हड़ताल शुरू करेंगे या नहीं। नगर के लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं सभी की नजरें अब पार्षद जानू सिदार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
नगर में चर्चा भ्रष्टाचार का मामला टाय-टाय फीस
वार्ड पार्षद द्वारा भ्रष्टाचार को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की गई थी, पार्षद के इस पहल को नगर के जनता ने बहुत बढिय़ा बताते हुए पार्षद जानू सिदार को एक जन नेता बता रहे थे। कि नेता ऐसा ही होना चाहिए। वहीं आज भ्रष्टाचार के मामले में नगर में हवा अब बदला बदला सा लग रहा है, और नगर में चर्चा होने लगा की भ्रष्टाचार का मामला अब टाय-टाय फीस हो गया है?








