जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ वन मंडल में लंबे समय से हाथियों ने उत्पात मचा रखा है, कभी इंसान हाथी को मौत के घाट उतार रहे हैं तो कभी हाथी इंसान को मार रहे हैं, और वन विभाग इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकाल रहे हैं। आज फिर एक निर्दोष ग्रामीण वृद्धा को जंगली हाथी ने मौत की नींद सुला दी है। घटना धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज का है, ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार आज रात लगभग 2 बजे हाथी जमाबीरा गांव में आ धमका और उत्पात मचाने लगा। जंगली हाथी ने 60 वर्षीय रतन गुप्ता उर्फ चंदन के सर को कुचल डाला जिससे रतन गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस चौंकी रैरूमा और वन विभाग को दिया वन विभाग और पुलिस की टीम मौके में पहुंचकर घटना की जांच कार्यवाही करने में जुट गए। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है।
जंगली हाथियों से स्थाई समाधान की जरूरत
वन विभग को हाथी के हमले से किसी निर्दोष ग्रामीण की जान न जाए इसके लिए स्थाई समाधान करने की जरूरत है, हाथी के हमले से किसी की मौत न हो इसके लिए वन विभाग कोई पहल नहीं करते हैं, वन विभाग की टीम को हाथी की सही एवं सटीक जानकारी ग्रामीणों को देना चाहिए ताकि ग्रामीण अनहोनी घटना से बच सके। कई बार तो देखा जाता है कि ग्रामीणों द्वारा हाथी की सूचना देने के लिए विभाग द्वारा जारी किया गया फोन पर कॉल करने से कॉल रिसिव नहीं होता है, और अगर रिसिव हो भी जाए तो कोई उचित जवाब नहीं मिलता है, और रही अधिकारी की बात तो अधिकारी रात में ग्रामीणों का कोई फोन उठाते नहीं है। वन विभाग को चाहिए कि ग्रामीणों को हाथी हमले से बचाने के लिए हर वो उपाय करना चाहिए जिससे ग्रामीणों को मदद मिले, और हाथी हमले से बच सके।








