जोहार छत्तीसगढ़-छाल।
जुआ को सामाजिक बुराई माना गया है, लोगों का आरोप है कि जुआ एक को नहीं मारता पूरा परिवार को मार देता है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 2022 में जुआ को लेकर कड़ा कानून भी बनाया है, ताकि जुआ पर रोक लग सकें लेकिन जुआ खेलवाने वाला खाईवाल बहुत चतुर होते हैं, ऐसे कई बार देखा गया है कि खाईवाल पुलिस के करीबी होते है जिसके कारण पुलिस को भनक भी नहीं लगता है कि ये हमारे पीठ पीछे ऐसा कर रहा है। ऐसा ही छाल और करतला थाना क्षेत्र में हो रहा है छाल थाना क्षेत्र के दो लोग जंगल में जगह बदल-बदल कर लाखों का जुआ फड संचालन कर रहे हैं। बतया जाता है कि छाल थाना क्षेत्र के विभिन्न जंगलों में इन दिनों बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की चर्चाएं क्षेत्र में जोरों पर है। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार जुआ संचालक पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार स्थान बदल-बदलकर जुआ का संचालन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कभी छाल थाना के महराजगंज, भुण्डीबहरी और पोड़ी के जंगलों में तो पुलिस कार्यवाही से बचने के लिए कभी करतला थाना क्षेत्र के सोनतराई एवं आसपास के जंगलों में रोजाना लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है। आरोप है कि इन स्थानों पर दूर-दूर से जुआरी पहुंचते हैं और बड़ी रकम दांव पर लगाई जाती है। ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि जुआ के इस कथित नेटवर्क का संचालन छाल क्षेत्र के दो व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों के नामों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए उनका उल्लेख करना उचित नहीं होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जंगलों में इस प्रकार की गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं तो इससे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।








