छत्तीसगढ़

फ्लाईएश मामले में स्थानीय प्रशासन आखिर मौन क्यों? … डहरिया तहसीलदार और तत्कालीन थाना प्रभारी कमला पुसम की कार्यवाही को याद कर रहे धरमजयगढ़वासी …अधिकारी-कर्मचारियों की आंखों के सामने ओवरलोड वाहनों का संचालन, शिकायतों के बाद भी कार्यवाही नहीं?

जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ में फ्लाईएश परिवहन को लेकर एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर और आसपास के मार्गों से लगातार फ्लाईएश से लदे भारी एवं ओवरलोड वाहनों के गुजरने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कई वाहन क्षमता से अधिक फ्लाईएश लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ओवरलोड फ्लाईएश वाहन खुलेआम सड़कों से गुजर रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ रही है? शिकायतों के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं हो रही है तो इसके पीछे वजह क्या है? क्या फ्लाईएश का परिवहन और निपटान नियमानुसार किया जा रहा है, अथवा नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है?

शिकायतों के बाद भी जांच और कार्रवाई का अभाव

स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईएश वाहनों के संचालन को लेकर प्रशासन और पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायतें की गई हैं। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का सवाल है कि फ्लाईएश परिवहन की जांच के लिए जिम्मेदार विभाग आखिर मौके पर जाकर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क पर फ्लाईएश गिरने, धूल उड़ने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यदि किसी बड़े हादसे में किसी व्यक्ति की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को किसी गंभीर घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।

डहरिया तहसीलदार को याद कर रहे धरमजयगढ़वासी

फ्लाईएश मामले में धरमजयगढ़ के लोगों को पूर्व में पदस्थ रहे तत्कालीन तहसीलदार डहरिया और तत्कालीन थाना प्रभारी कमला पुसम की कार्रवाई याद आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय फ्लाईएश वाहनों पर लगातार कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते वाहन संचालकों में नियमों का पालन करने का दबाव बना था और फ्लाईएश का परिवहन अपेक्षाकृत नियमानुसार होता दिखाई देता था। लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी सख्ती दिखाते रहे, तब तक फ्लाईएश परिवहन में नियमों का पालन होता रहा। लेकिन अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद स्थिति फिर से ढीली पड़ती नजर आ रही है।

क्या कार्रवाई के लिए हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

धरमजयगढ़ में पहले भी फ्लाईएश से लदे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ओवरलोड वाहनों का लगातार संचालन सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। सवाल यह भी है कि यदि नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, तो संबंधित विभाग संयुक्त रूप से जांच क्यों नहीं कर रहा है? पुलिस, तहसील प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच कार्रवाई की जिम्मेदारी को लेकर यदि स्थिति स्पष्ट है, तो फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रही है?

नियमों की अनदेखी पर हो कड़ी कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में संचालित फ्लाईएश वाहनों की ओवरलोडिंग, परिवहन दस्तावेज, वाहन क्षमता, फ्लाईएश ढुलाई के तरीके और निर्धारित नियमों के अनुसार निपटान की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन संचालकों और संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सड़क पर यदि नियमों को तोड़ते हुए वाहन दौड़ रहे हैं तो जिम्मेदार विभागों को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी होगी।

धरमजयगढ़वासियों का सीधा सवाल

  • फ्लाईएश वाहनों पर कार्रवाई कब होगी? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर अब दोबारा डहरिया तहसीलदार और कमला पुसम जैसी सख्ती दिखाई जाएगी? अब निगाहें स्थानीय प्रशासन पर हैं कि वह फ्लाईएश परिवहन की वास्तविकता सामने लाने के लिए कब जांच शुरू करता है और नियमों की अनदेखी करने वालों पर क्या कार्रवाई करता है।

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