छत्तीसगढ़

धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल बना रेफर सेंटर, गरीब, आदिवासी हो रहे परेशान

जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ क्षेत्र के लोगों के लिए इलाज का सबसे बड़ा और प्रमुख सरकारी सहारा सिविल अस्पताल है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज की उम्मीद लेकर इसी अस्पताल पहुंचते हैं। कभी इस अस्पताल में बेहतर उपचार और सुविधाओं को लेकर लोगों में भरोसा हुआ करता था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था को लेकर अब मरीजों और उनके परिजनों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में अब गंभीर मरीजों के साथ-साथ सामान्य मामलों में भी उन्हें रायगढ़ रेफर किए जा रहे हैं? इसके कारण लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं क्षेत्र का सिविल अस्पताल धीरे-धीरे रेफर सेंटर बनकर तो नहीं रह गया है।

हादसे में घायल दो लोगों को किया गया रायगढ़ रेफर

इसका ताजा उदाहरण 24 सितंबर की रात नीचेपारा क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार एक स्कॉर्पियो वाहन ने तीन लोगों को टक्कर मार दी थी, जिससे वे घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने इनमें से दो घायलों को रायगढ़ रेफर कर दिया। ऐसे में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि यदि मरीजों की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उन्हें उ’च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर करना पड़ा, तो घायल मरीज ईजाज के लिए रायगढ़ क्यों नहीं गये?

रेफर मरीज धरमजयगढ़ में ही घूमते नजर आए, डॉक्टरों पर उठे रहे सवाल

मामले में स्थानीय स्तर पर एक और सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। जिन मरीजों को रायगढ़ रेफर किए जाने की बात सामने आई, उन्हें बाद में धरमजयगढ़ में ही घूमते हुए देखे जाने की चर्चा है। यदि मरीज गंभीर थे और बेहतर उपचार की आवश्यकता थी, तो वे रायगढ़ जाकर इलाज कराने के बजाय धरमजयगढ़ में क्यों रहे? यह सवाल लोगों के बीच उठ रहा है।

रेफर करने की व्यवस्था पर हो पारदर्शी जवाबदेही

इलाज के लिए रेफर करना चिकित्सा व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है। गंभीर मरीजों को उ’च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज भेजना कई परिस्थितियों में आवश्यक भी हो सकता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सिविल अस्पताल में किसी बीमारी का उपचार संभव नहीं है, अस्पताल प्रशासन को मरीज के परिजनों को स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी देनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि मरीज को किस विशेषज्ञ उपचार या जांच की आवश्यकता है, जो धरमजयगढ़ में उपलब्ध नहीं है।

सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत

धरमजयगढ़ एक बड़ा क्षेत्र है और आसपास के ग्रामीण इलाकों से लोग इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय अस्पताल में आवश्यक डॉक्टर, विशेषज्ञ सेवाएं, जांच सुविधाएं, दवाइयां और आपातकालीन उपचार की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। यदि हर छोटे-बड़े मामले में मरीज को रायगढ़ भेजना पड़े, तो इसका सबसे अधिक असर गरीब और ग्रामीण परिवारों पर पड़ता है। एंबुलेंस, आने-जाने का खर्च, बाहर रहने और इलाज का अतिरिक्त खर्च उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि धरमजयगढ़ का सिविल अस्पताल सिर्फ मरीजों को रायगढ़ भेजने वाला केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों को भरोसेमंद और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला अस्पताल बने।

 

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