जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ के बहुप्रतीक्षित गौरव पथ निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। करीब 5 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से बनने वाले गौरव पथ का निर्माण ठेकेदार मंटू सिंह द्वारा किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब असली परीक्षा निर्माण एजेंसी की है और उससे भी ज्यादा निगाहें नगरवासियों की रहेंगी। करोड़ों की लागत से बनने जा रहा यह गौरव पथ सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि धरमजयगढ़ नगर की बड़ी विकास परियोजना है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद नगरवासियों की उम्मीद भी बड़ी है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता के साथ होगा? क्या सड़क की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा? और क्या निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी?
करोड़ों की सड़क, निगरानी भी जनता की
गौरव पथ निर्माण शुरू होते ही नगरवासियों की नजर ठेकेदार के काम पर रहेगी। सड़क की मोटाई, बेस निर्माण, गिट्टी-मटेरियल, डामरीकरण, नाली निर्माण और अन्य कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, यह अब सार्वजनिक चर्चा का विषय रहेगा। 5 करोड़ 95 लाख रुपये कोई छोटी राशि नहीं है। इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। नगर की जनता चाहती है कि जिस सड़क पर इतनी बड़ी राशि खर्च हो रही है, वह मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोगी साबित हो।
काम शुरू होने से पहले ही उठी गुणवत्ता की उम्मीद
अब सबसे बड़ा सवाल निर्माण शुरू होने के बाद सामने आएगा। क्या विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच होगी? क्या काम निर्धारित समयसीमा और स्वीकृत मापदंडों के अनुसार पूरा होगा? इन सवालों के जवाब निर्माण की प्रगति के साथ सामने आएंगे। गौरव पथ धरमजयगढ़ की पहचान बनने जा रहा है। इसलिए ठेकेदार का काम सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना को गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतारना होगा। वहीं नगरवासियों की निगाहें भी पूरे निर्माण कार्य पर रहेंगी।








