जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र के प्रस्तावित एसईसीएल कोयला परियोजना के विरोध में प्रभावित गांवों के ग्रामीण एक बार फिर लामबंद हो रहे हैं। 26 जुलाई को शाहपुर कॉलोनी स्थित कीर्तन मैदान में प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की विशाल बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
दुर्गापुर, शाहपुर, धरमजयगढ़ और तराईमार सहित कई गांवों के ग्रामीण लंबे समय से प्रस्तावित कोयला खदान का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आपत्तियों के बावजूद एसईसीएल क्षेत्र में ड्रोन सर्वे कराने की तैयारी कर रहा है, जबकि इससे पहले भी ग्रामीण ड्रोन सर्वे का विरोध कर चुके हैं।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले ही रायगढ़ कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगें रख चुके हैं। उनका कहना है कि ड्रोन सर्वे से पहले एसईसीएल को स्पष्ट करना चाहिए कि भूमि का मुआवजा किस दर से दिया जाएगा, विस्थापित परिवारों को कहां बसाया जाएगा, कितने लोगों को रोजगार मिलेगा और पुनर्वास के तहत कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इन सवालों पर कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट लिखित जवाब नहीं दिया गया है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर शनिवार को शाहपुर कीर्तन मैदान में होने वाली बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में यह तय किया जा सकता है कि प्रस्तावित कोयला परियोजना का विरोध किस स्तर पर और किस प्रकार किया जाएगा।
वहीं, क्षेत्र के बंग समाज के लोगों का भी कहना है कि यदि कोयला परियोजना आगे बढ़ती है तो एक बार फिर विस्थापन की स्थिति बन सकती है। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन में शामिल होने की बात कही है।








