छत्तीसगढ़

अदानी के लिए आसान नहीं पुरूंगा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई, विरोध की आग फिर भड़की… ग्रामीणों का ऐलान, किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे जनसुनवाई, कंपनी के हर प्रयास का करेंगे विरोध … पत्रकारों को खरीदने के लिए चक्कर लगा रहे कंपनी के अधिकारी?

 

जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

पुरूंगा कोल ब्लॉक की जन सुनवाई 2025 में प्रभावितों ग्रामीणों के जरबदस्त विरोध के बाद प्रशासन को स्थागित करना पड़ा था। एक बार फिर जन सुनवाई करवाने के लिए ग्रामीणों में फूटडालो राज करो वाले चाल चल रहे हैं, कुछ ग्रामीणों को तोडऩे के लिए कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी और कंपनी के दलालनुमा लोग जूट गये हैं। ग्रामीणों को लालच देकर अपने पक्ष में करने के लिए लेकिन पुरूंगा कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीण किसी भी कीमत में इन कंपनी के लालच में नहीं आने वाले हैं, ग्रामीणों ने साफ शब्दों में ग्रामीणों को बता दिया गया है कि कोई अगर कंपनी के पक्ष में काम करते हैं तो उसका अनजाम समझ ले क्या होगा? पीछले दिनों अदानी कंपनी द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। लेकिन ग्रामीणों ने इसका खूब विरोध किया तो वहीं कंपनी द्वारा पुरूंगा गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के लिए मेडिकल वाहन भेजा था ग्रामीणों ने विरोध करते हुए मेडिकल वाहन को वापस भेज दिया किसी ने इनका स्वास्थ्य वाहन से मेडिकल जांच नहीं करवाया, पहले ही ग्रामीणों ने साफ मना कर दिया था। कि हम मरने के लिए तैयार है लेकिन अदानी कंपनी का कोई सुविधा नहीं चाहिए। सबसे अहम बात है कि पुरूंगा कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीणों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि कंपनी के खिलाफ विरोध को तेज करते हुए बहारी दलालनुमा लोगों को आंदोलन से दूर रखना होगा, ताकि कंपनी का विरोध सही ढंग से चलता रहे और जन सुनवाई को फिर एक बार स्थागित करवाने में सफल हो सके।

पहले से भी अधिक होगा विरोध

ग्रामीणों ने बताया कि अदानी पहले भी जन सुनवाई करवाने की कोशिश कर देखा है, फिर एक बार जन सुनवाई करवाने की तैयारी कर रहे हैं, अदानी वाले कान खोलकर सून ले इस बार पहले से भी अधिक विरोध होगा किसी भी कीमत में जन सुनवाई होने नहीं देखें?

कंपनी वालों को गांव में घूसना मना है

पुरूंगा कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र में कंपनी वालों को गांव वाले घूसने नहीं देने की बात कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में कंपनी वालों को आने की कोई जरूरत नहीं है। हम ग्रामीण जैसे हैं वैसे ही ठीक हंै। ग्रामीणों ने बताया कि कोयला खदान खुलने से कैंसर होगा इसलिए कंपनी वालों की कैंसर अस्पताल की जरूरत नहीं है हम लोग कैंसर बीमारी से नहीं मरना चाहते हैं। हम सब प्रभावित ग्रामीण एक हैं और एक ही रहेंगे और खुलकर कंपनी वालों का विरोध करेंगे। अगर हमारे गांव में कंपनी वाले आकर कंपनी की बात करेंगे तो सोच ले क्या होगा?

पत्रकार नकारात्मक खबरें छापे न इसके लिए चक्कर लगा रहे कंपनी वाले

अदानी कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी पत्रकारों से गुपचुप तरीके से मिलने का सिलसिला जारी है, ताकि किसी प्रकार की कोई नकारात्मक खबरें रोका जा सके सके। पत्रकारों को प्रलोभन दिया जा रहा है कि आप लोगों को हम खुश कर देंगे आप लोग हमारा सपोट करों, जन सुनवाई को सफल बनाने का जिम्मा आप लोगों पर है आप लोग बताए किस तरह से कैसे किसको मैनेज करना है।

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