जोहार छत्तीसगढ़ -धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में किसानों को खाद खरीदने के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कुछ खाद विके्रता शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक दर पर उर्वरकों की बिक्री कर रहे हैं। किसानों के अनुसार जहां यूरिया खाद की बोरी लगभग 266 रुपये में उपलब्ध होनी चाहिए, वहीं उसे 750 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार डीएपी खाद, जिसकी कीमत लगभग 1350 रुपये के आसपास बताई जाती है, उसे 2300 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायत सामने आई है।
किसानों का कहना है कि बीज बोआई सीजन के दौरान खाद की मांग बढऩे का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मनमानी कर रहे हैं। मजबूरी में किसान ऊंचे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं, क्योंकि समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बायसी कॉलोनी के एक खाद, बीज दुकानदार द्वारा किसानों को लूटने का काम कर रहे हैं। शासन के निर्धारित दर से कई गुना अधिक दर पर किसानों को खाद बेच रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायत करने के बावजूद कृषि विभाग के अधिकारी कार्यवाही करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जांच कर दोषी दुकानदारों पर कार्यवाही नहीं की गई तो किसानों को एकजूट होकर आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री ने भी हाल ही में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी है तथा अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि खाद दुकानों की जांच कर वास्तविक कीमतों पर खाद उपलब्ध कराई जाए तथा दोषी विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि किसानों का आर्थिक शोषण रोका जा सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से हो रहा किसानों का शोषण?
इस संबंध में जब कृषि विभाग के एसओडीओ पैंकरा से बात करने पर बताया कि मैं अभी खान सर को लेकर जाता हूं और जांच करने के बाद बताता हूं। लेकिन शिकायत के बाद इनके द्वारा कार्यवाही किया गया या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिली है। तो वहीं किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों को लुटने का काम कर रहे हैं खाद दुकानदार।








