छत्तीसगढ़

वर्षो से बने पानी टंकी में पानी भरने भूल गये पीएचई विभाग?… ग्रामीणों को नहीं मिल रहा जल जीवन मिशन योजना का नाम… आमापाली की शोभा बड़ा रहा पीएचई विभाग का पानी टंकी

जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को साफ एवं शुद्ध जल मिले इसके लिए लाखों करोड़ों रूपये खर्च कर पानी टंकी का निर्माण करवाया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी निर्माण का कार्य पीएचई विभाग को दिया गया है, निर्माण गुणवत्ता पूर्ण के साथ होना था, लेकिन पीएचई विभाग और भ्रष्ट ठेकेदार की मिलभगत के करण आज 90 प्रतिशत जल जीवन मिशन के तहत बने पानी टंकी से पानी की सप्लाई नहीं हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि विभाग द्वारा पानी टंकी तो बना दिया गया लेकिन उसमें पानी भरना भूल गये हैं? नतीजा ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पीने के पाने के लिए तरसना पड़ रहा है। आज हम बात कर रहे हैं ग्राम पंचायत आमापाली का, आमापाली गांव में सालों पहले एक पानी टंकी का निर्माण पीएचई विभाग द्वारा करवाया गया था, लेकिन वर्षों पहले बने इस पानी टंकी सिर्फ और सिर्फ आमापाली का शोभा बड़ा रहे हैं क्योंकि पानी टंकी से पानी सप्लाई हो ही नहीं रहा है ग्रामीणों को। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में हमने पीएचई विभाग में कई बार आवेदन निवेदन किए लेकिन हर बार कुर्सी में बैंठे साहब एक ही बात करते हैं कि बस 2-3 दिन में चालू हो जायेगा लेकिन साहब का एक-दो दिन वर्षो से नहीं हो रहा है। आगे ग्रामीणों ने बताया कि पानी के लिए कहां कहां नहीं गये आवेदन देने लेकिन कहीं से ग्रामीणों को पानी टंकी से पानी सप्लाई हो जाये इसके लिए कोई समाधान नहीं किया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन देकर पानी की समस्या को दूर करने का निवेदन किया था लेकिन ग्रामीणों को यहां से भी कुछ नहीं मिला हां मिला तो एक पत्र जिसमें साफ-साफ लिखा है कि पीएचई विभाग द्वारा 4 अग्रस्त 2025 को पानी टंकी ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर हर घर जल प्रमाणित किया जा चूका है एवं जल प्रदाय प्ररांभ है। अब आप खुद सोच सकते हैं कि ग्रामीणों को पीएचई और ग्रामीण पंचायत किस तरह बेवाकूफ बना रहे हैं। ग्रामीण अधिकारियों को आवेदन निवेदन कर पानी सप्लाई कि मांग कर रहे हैं और अधिकारी एसी कमरे में बैंठकर पत्र लिखकर दे रहे हैं कि ग्रामीणों को निरंतर पानी सप्लाई हो रहे हैं। इस विड़बना नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे?

भौतिक सत्यापन क्यों नहीं करते अधिकारी?

लगातार ग्रामीणों द्वारा शिकायत पर शिकायत करने के बाद भी अधिकारी सच्चाई जानने आमापाली क्यों नहीं जा रहे हैं, अगर पानी टंकी से पानी की सप्लाई ग्रामीणों को मिल रहा है तो फिर ग्रामीणों की शिकायत की सत्यता की जांच करने अधिकारी आमापाली क्यों नहीं जा रहे हैं? धरमजयगढ़ के उच्च अधिकारी को चाहिए कि आमापाली में जाकर पानी टंकी से पानी की सप्लाई हो रहा है कि नहीं, अगर हो रहा है तो कितने लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, इसकी भौतिक सत्यापन करना चाहिए ताकी ग्रामीणों को सरकार का जल जीवन मिशन योजना का लाभ मिल सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts