
जयस्तंभ चौक का बूरा हाल … स्थानीय प्रशासन मौन …!
धरमजयगढ़ का जय स्तंभचौक नीचेपारा में स्थित है … जयस्तंभ का अर्थ होता है विजय खंभा …या फिर विजय स्तंभ वाला चौराहा …। नीचेपारा स्थित जयस्तंभ चौक का इतना बूरा हाल है कि देखने से अपने आप में शर्म आने लगता है … जयस्तंभ चौक का बूरा हाल कर रखा है चौक के आस-पास के निवासी … जय स्तंभ चौक को कचरा रखने का जगह बना दिया … धरमजयगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी इस चौक से रोज गुजर रहे हैं लेकिन किसी की नजर चौक की दुर्दशा पर नहीं पड़ा इससे और क्या विडंबना हो सकता है…? आप चित्र में देख सकते हैं कि लोगों ने क्या हाल कर रखा है जयस्तंभ चौक का … और अधिकारी अपने आप में मस्त हंै …। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लोगों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जयस्तंभ चौक का बूरा हाल को ठीक करें …।

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल का सख्त निर्देश … धरमजयगढ़ में बेअसर…?
छत्तीसगढ़ के राज्य पाल रमेन डेका ने अवैध रेत उत्खनन पर कड़ा रूख अपनाते हुए अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिए हैं … लेकिन राज्यपाल का निर्देश धरमजयगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों पर कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है … जिसका नतीजा है कि नीचेपारा स्थित माण्ड नदी से अवैध रेत उत्खनन जोरो से चल रहा है … नीचेपारा के केराकोना में आपको दिन भर अवैध रेत उत्खनन करते देखा जा सकता है … लेकिन मजाल है कि धरमजयगढ़ के किसी अधिकारी को अवैध रेत उत्खनन होते दिखाई दे …? हम आपको बता दे कि ये वही केराकोना है जहां कुछ दिनों पहले अवैध रेत उत्खनन करते वक्त एक मजदूर का मौत हो गया था … लेकिन इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर मेहरबान बन बैठा है …? अब तो अवैध रेत उत्खनन करने वाला एक रेत तस्कर ट्रेक्टर को ही डोजर बनाकर अवैध रेत उत्खनन कर रहे हैं … अब देखना होगा कि अवैध रेत उत्खनन को लेकर कब राज्यपाल का निर्देश का पालन करते हैं हमारे धरमजयगढ़ के अधिकारी…कर्मचारी …!

निष्क्रिय होने के बाद भी क्यों जीत जाते हैं कांग्रेसी विधायक …?
धरमजयगढ़ विधानसभा को कांग्रेस का गण माना जाता है … वर्तमान विधायक लालजीत सिंह राठिया के पिताश्री 27 साल तक विधायक रहे …। 27 साल बाद धरमजयगढ़ विधानसभा मेंं भाजपा का कमल खिला ओमप्रकाश राठिया के रूप में … ओमप्रकाश राठिया लगातार दो बार विधायक चूने गये …। वर्षों तक सत्ता से दूर रहने के कारण भाजपा में गुटबाजी न बराबर था जिसके कारण धरमजयगढ़ विधानसभा में दो भाजपा का विधायक बना … लेकिन सत्ता में आते ही कुछ स्वार्थी लोगों ने अपना एक अलग गुट बनाकर अपना दबदबा बनाने के चक्कर में तीन बार भाजपा को हार का सामना करना पड़ा भाजपा को … गुटबाजी का ही नतीजा है कि आज धरमजयगढ़ विधायक निष्क्रिय होने के बाद भी तीन-तीन बार चुनाव जीत रहे हैं … वर्तमान में तो धरमजयगढ़ भाजपा में गुटबाजी ऐसा है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में जीत कोसो दूर है …?

और अंत में दबे पॉव … नायब तहसीलदार मारपीट मामले में जनता विधायक रामकुमार के साथ …
सीतापुर विधायक राम कुमार टोप्पो और राजापुर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुआ मारपीट मामले का लगभग 1 साप्ताह तक चले हाई वोल्टेज ड्रामा … कई तरह के आरोप प्रत्यारोप सोशल मीडिया में होता दिखाई दिया … सब अपने-अपने हिसाब से … कोई विधायक खलनायक … गुण्डा न जाने क्या क्या बोलता रहा … लेकिन किसी ने ये नहीं जानने की कोशिश किया कि आखिर एक जनता द्वारा चूना गया जनप्रतिनिधि को ऐसा करने पर मजबूर क्यों होना पड़ा …? हम ये नहीं बोल रहे कि विधायक को किसी अधिकारी के साथ मारपीट करना चाहिए …। अधिकारी को भी जनता द्वारा चूना गया जनप्रतिनधि का सम्मान करना चाहिए न कि … करना चाहिए …? अपने पर जब बात आया तो अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन करने लगे … जब इनके ही द्वारा सालों-साल तक किसी मामले को लटकाए रखते हैं तब ये अधिकारी -कर्मचारी कहां रहते हैं क्यों आंदोलन करते हैं कि जनता का काम समय पर क्यों नहीं हो रहा है …? विधायक राम कुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के मामले में … नायाब तहसीलदार के साथ क्षेत्र की एक भी जनता नहीं थे … लेकिन विधायक रामकुमार टोप्पो के पक्ष में सीतापुर विधानसभा के साथ-साथ बाहरी लोग भी शामिल रहे ऐसा पहली बार देखने को मिला होगा कि एक विधायक के लिए क्षेत्र की जनता खड़े हुए और नायब तहसीलदार पर कार्यवाही की मांग कर रहे थे … इससे तो साफ नजर आया कि रामकुमार टोप्पो का कद बढ़ा ही घटा नहीं है …! जनप्रतिनिधि को हमेशा अपने जनता के साथ जुड़े रहना चाहिए चाहे कुछ … करना पड़ा…!








