छत्तीसगढ़

भाजपा में गुटबाजी के कारण धरमजयगढ़ का विकास ठप्प?… शासन से राशि जारी होने के बाद भी विकास के नाम पर कुछ नहीं, राशि हो रहा वापस

जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

विष्णु की सुशासन सरकार को उनके ही कार्यकर्ता भट्ठा बैंठाने में तुला हुआ है। नगर विकास के लिए करोड़ों रूपये जारी होने के बाद भी विकास के नाम पर शून्य नजर आ रहा है। टेंडर जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पा रहा है गुटबाजी के कारण? हम आपको बात दे कि धरमजयगढ़ भाजपा में गुटबाजी चरम पर है, गुटबाजी का शिकार धरमजयगढ़ की जनता हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि भाजपा सरकार नगर विकास के लिए राशि नहीं दे रही है, सरकार नगर का विकास हो इसके लिए करोड़ों-करोड़ों रूपये जारी किए हैं लेकिन विडंबना है कि हमारे धरमजयगढ़ के गुटबाजी नेता विकास कार्य होने नहीं दे रहे हैं, सिर्फ अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए? लगभग एक करोड़ों रूपये से बस स्टैण्ड का सौंदर्यीकरण के लिए सीएसआर मद से नगर पंचायत को राशि जारी किया था, नगर पंचायत द्वारा टेंडर भी लगाया और कई बार लगाया लेकिन काम नहीं हो सका, बताया जाता है कि कई बार टेंडर निकाले के बाद काम के लिए टेंडर ठेकेदार को स्वीकृत हो गया था, लेकिन गुटबाज नेताओं को धरमजयगढ़ में एक सर्वसुविधा युक्त बस स्टैंड जनता को मिले ये मंजूर नहीं हुआ और नेताजी अपने आका के पास जाकर कलेक्टर पर दबाव बानाकर टेंडर को निरस्त करवा दिया, और कलेक्टर द्वारा सीएसआर मद से जो 40 प्रतिशत अग्रिम राशि दिया गया था उसे वापस ले लिया गया। अब आप सोचिए कि धरमजयगढ़ भाजपा के गुटबाजी के कारण क्षेत्रवासियों को कितना बड़ा नुकसान हो रहा है।

सीएम विष्णुदेव साय ने 1 साल पहले दिये थे करोड़ों रूपये

विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अग्रस्त 2025 में धरमजयगढ़ आगमन हुआ था, प्रथम आगमन में मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र का विकास के लिए करोड़ों रूपये देने की घोषणा किया गया था, मुख्यमंत्री के घोषण पर अमल करते हुए, धरमजयगढ़ नगर विकास के लिए करोड़ों रूपये स्वीकृत किया, लेकिन भाजपा के गुटबाजी के कारण एक रूपये का काम नगर में नहीं हुआ है, सिर्फ घोषणा, घोषणा बनकर रहा गया। प्रदेश में विष्णु की सुशासन को देखकर नगरीय चुनाव में नगर की जनता ने भाजपा के उम्मीदवारों को जीताकर नगर परिषद में भेजा था कि नगर का विकास होगा लेकिन विकास के नाम पर नगर की जनता को जीरो बटा संनाटा ही मिल रहा है? धरमजयगढ़ भाजपा में गुटबाजी देखकर ऐसा लगता है अनुशासन वाली पार्टी में संगठन का भय है ही नहीं, जिसका नतीजा गुटबाजी चरम देखने को मिल रहा है?

गुटबाजी का शिकार होते हंै हर विधानसभा चुनाव में?

धरमजयगढ़ विधानसभा में भाजपा को हर बार हार का सामना इसी गुटबाजी के कारण उठाना पड़ता है। पूरे प्रदेश में देखा जाए तो धरमजयगढ़ विधायक सबसे निष्क्रिय विधायक साबित होगा, लेकिन इसके बाद भी विधानसभा चुनाव में हजारों वोटों से चुनाव जीतते हैं कारण सिर्फ और सिर्फ भाजपा की गुटबाजी? अगर संगठन धरमजयगढ़ विधानसभा में चल रहे गुटबाजी पर अभी से ध्यान नहीं दिया तो आने वाले चुनाव में फिर एकबार हार का सामना करना पड़ेगा भाजपा को?

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