जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ में एक बार फिर से गुणवत्ता एवं संस्कार के साथ शिक्षा का मंदिर सरस्वती शिशु विद्याा मंदिर का संचालन होने जा रहे हैं। हम आपको बता दे कि एक समय था जब धरमजयगढ़ का सबसे अच्छा शिक्षण संस्था के नाम पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर को जाना जाता था सैकड़ों की संख्या में बच्चे शिक्षण सत्र में हुआ करता था। लेकिन एक समय आया और यह शिक्षण संस्था धीरे-धीरे कमजोर होता गया और बंद कि स्थिति में आ गया। लेकिन एक बार फिर सरस्वती शिशु मंदिर को पून: चालू करने के लिए पूरी प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भारती अखिल शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित किया जाता है, संस्था का मुख्य उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और उत्तम संस्कारों का विकास करना है। सरस्वती शिशु मंदिर धरमजयगढ़ में प्रवेश प्रक्रिय शुरू कर दिया गया है। संस्था को संचालित करने वाले समिति के सदस्यों ने बताया कि एक बार फिर सरस्वती शिशु मंदिर को अच्छी शिक्षा के नाम से जाना जायेगा। शिक्षण संस्था में बेहतरीन शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षा दिया जायेगा। समिति क्षेत्रवासियों से अपील किया है कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और उत्तम संस्कारों का विकास के लिए सरस्वती शिशु मंदिर में अपने बच्चों का प्रवेश कराये।








