जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में संचालित करोड़ों रुपये की लघु जल विद्युत परियोजना अब बड़े विवादों के घेरे में आ गई है। हैदराबाद स्थित कंपनी धनवादा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने थाना धरमजयगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही पूर्व सहयोगी रोहित श्रीवास्तव जीएम मलका दमाश जल विद्युत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि परियोजना को बदनाम करने, अधिकारियों पर दबाव बनाने और कार्यों में व्यवस्थित रूप से बाधा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कंपनी द्वारा पुलिस को सौंपे गए आवेदन में दावा किया गया है कि ग्राम भालूपखन में विकसित 7.5 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना में करोड़ों रुपये का निवेश किया जा चुका है, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट की छीछालेदर कराने की कथित साजिश रची जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि परियोजना का कार्य प्रभावित होने से कंपनी को भारी आर्थिक और प्रशासनिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आरटीआई और झूठे प्रकरणों के जरिए दबाव बनाने का आरोप
कंपनी ने आरोप लगाया है कि रोहित श्रीवास्तव द्वारा आंतरिक दस्तावेजों और गोपनीय जानकारियों को बाहर पहुंचाकर अलग-अलग व्यक्तियों से लगातार आईटीआई आवेदन लगवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को झूठे आपराधिक मामलों, मारपीट, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम और महिला संबंधी आरोपों में फंसाने की कथित कोशिश भी की जा रही है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन गतिविधियों से न केवल कंपनी के कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। कंपनी ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
करोड़ों के प्रोजेक्ट पर संकट, कई सवाल खड़े
स्थानीय स्तर पर अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। करोड़ों के निवेश वाले प्रोजेक्ट को लेकर उठ रहे आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि कंपनी के दावे सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल निजी विवाद नहीं बल्कि बड़े आर्थिक हितों और प्रशासनिक दबाव की परतें खोल सकता है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच गहराने पर कई और चौंकाने वाले पहलू सामने आ सकते हैं। कंपनी ने डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध कराने की बात कही है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है?
कंपनी की प्रमुख मांगें
* रोहित श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच।
* परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा।
* झूठे मामलों और दबाव की राजनीति पर रोक।
* भविष्य में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल कार्यवाही
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर करोड़ों के इस प्रोजेक्ट के पीछे चल रही असली कहानी क्या है।
* मेरे ऊपर लगाये गये सारे आरोप निराधार है। मैं किसी भी प्रकार को कोई जानकारी बाहरी लोगों को उपलब्ध नहीं कराया गया है।
रोहित श्रीवास्तव जीएम मलका दमाश








