जोहार छत्तीसगढ़-रतनपुर।
महामाया मंदिर कुंड में 23 कछुओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन दोषियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। घटना रतनपुर महामाया परिसर कुंड की है, जहां मृत कछुए बड़ी संख्या में पाए गए थे। जिसे मंदिर ट्रस्ट के जिम्मेदार लोगों ने यह भयानक कृत्य को दबाने के लिए बिना किसी जांच अधिकारी के आय बगैर मंदिर कर्मचारी को फोन पर आदेश दे कर मंदिर परिसर से बाहर फिकवा दिया गया था।नगर में कछुए की मौत की खबर आग की तरह फैली और जांच शुरू हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की वजह सामने आई
जांच शुरू हुआ सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया,एक के बाद चार लोग शामिल दिखे।
सवाल,अब सवाल यह उठता है कि आखिर कछुओं की जान लेने वाले अपराधी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं?
प्रशासन की सुस्ती
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन ‘कछुए की चालÓ चल रहा है। अब तक किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह गंभीर अपराध है।
पर्यावरणविदों की मांग
वन्यजीव कार्यकर्ता और पर्यावरणविद प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसे मामलों में ढिलाई बरती गई तो इससे अन्य वन्यजीवों के लिए भी खतरा बढ़ जाएगा।
जांच अधिकारी की ड्यूटी अन्य जगह
बरती जा रही है दोषियों को जल्द गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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