जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत चिडोडीह के सरपंच पति खेमसागर यादव ने नायब तहसीलदार कापू, उज्ज्वल पांडे के खिलाफ चौकी रैरूमाखुर्द में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि तहसीलदार द्वारा उन्हें फोन पर अश्लील गालियां दी गई और सरपंच पद से हटाने की धमकी गिया गया।
घटना का विवरण
खेमसागर यादव, जो कि ग्राम भालूपखना के निवासी है, ने बताया कि उनकी पत्नी सेबेस्तियानी कुजूर वर्तमान में ग्राम पंचायत चिडाडीह की सरपंच है और वह उनकी सरकारी कार्यों में सहायता करते हैं। 2 अप्रैल 2025 को दोपहर लगभग 3.30 बजे जब वे अपनी पत्नी के साथ धरमजयगढ़ से अपने घर लौट रहे थे, तब ग्राम तेजपुर के पास उन्हें पटवारी अरविंद केरकेट्टा हल्का नंबर 30, ग्राम भालूपखना के मोबाइल नंबर 7000584720 से फोन आया। पटवारी ने तहसीलदार उज्ज्वल पांडे से बात करने के लिए फोन आगे बढ़ाया, जिसके बाद तहसीलदार ने फोन पर कहा कि वे धनबादा कंपनी, भालूपखना के कार्यालय में जांच के लिए आए हैं। इसके बाद उन्होंने बिना किसी कारण खेमसागर यादव को धमकाना शुरू कर दिया और कहा, तुम कौन होते हो धनबादा कंपनी को बंद कराने वाले? मैं तुम्हें देख लूंगा और तुम्हें तुम्हारे सरपंच पद से तुरंत हटा दूंगा। तुम्हें नहीं पता कि मैं तहसीलदार हूं, कुछ भी कर सकता हूं। मेरे सामने दादागिरी करोगे? इसके अलावा, शिकायत में कहा गया है, कि तहसीलदार ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की। इस घटना से खेमसागर यादव और उनकी पत्नी को अपमानित महसूस हुआ और उन्हें भय सताने लगा।
कानूनी कार्यवाही की मांग
इस घटना से आहत होकर खेमसागर यादव ने चौकी प्रभारी, रैरूमाखुर्द में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है और तहसीलदार उज्ज्वल पांडे के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। और वहीं प्रभावित व्यक्ति का कहना है, कि इस तरह की धमकियों से सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है,और प्रशासनिक अधिकारियों को अपने पद का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामवासियों का कहना है, कि इस प्रकार के दुव्र्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या कहते नायब तहसीादार
इस मामले में नायब तहसीलदार उज्जवल पांडेय से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, हमने सरपंच पति खेमसागर यादव को यह समझाया हूं कि धनबादा कंपनी से जो आपकी मांग है, उस मांग को कंपनी प्रबंधन द्वारा पूरा किया जायेगा, आप कंपनी को चालू होने दीजिए। इनके द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है।
निष्कर्ष
सरकारी अधिकारियों द्वारा नागरिकों के प्रति इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।