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चमत्कार! 200 फीट गहरी खाई में गिरी मासूम, पेड़ पर अटकी, दो घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन से बची जान… बंदरों के हमले से डरकर भागी, पैर फिसला और खाई में गिरी 7 वर्षीय नव्या साहू

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जोहार छत्तीसगढ़-उदयपुर।

रामगढ़ पहाड़ी पर स्थित राम मंदिर दर्शन के लिए परिवार संग आई 7 वर्षीय मासूम नव्या साहू के साथ बड़ा हादसा हो गया। मंदिर दर्शन के बाद जब नव्या अपने पिता मिथलेश साहू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जानकी तालाब के पास घूम रही थी, तभी बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। डर के मारे भागते समय नव्या का पैर फिसल गया और वह 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। खुशकिस्मती से गिरने के बाद नव्या एक पेड़ पर अटक गई, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, इस हादसे में उसका बायां पैर टूट गया और शरीर पर कई खरोंचें भी आईं।

मांओं ने खोली साड़ी, अजनबी बना मसीहा

घटना के बाद बच्ची को बचाने के लिए उसकी मां और परिवार की अन्य महिलाओं ने अपनी साडिय़ां खोलकर एक रस्सी बनाई। इसी बीच मेले में आया एक अजनबी व्यक्ति उनकी मदद को आगे आया और साड़ी के सहारे खाई में उतरकर बच्ची तक पहुंचा। उसने नव्या को सुरक्षित रखा और नीचे आकर लोगों को घटना की जानकारी दी।

दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बैगा अशोक बना हीरो

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रामगढ़ के बैगा अशोक कुमार वरकड़े ने सबसे पहले रस्सी के सहारे खाई में उतरकर बच्ची को संभाला। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने रस्से और चैन-पुली की मदद से नव्या को सुरक्षित बाहर निकाला। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू सफल रहा।

युवा मित्र मंडली ने पेश की मानवता की मिसाल

बच्ची की मां और अन्य महिलाओं ने अपनी साडिय़ां उतार दी थी, जिससे वे कम कपड़ों में रह गई थी। इसे देखते हुए युवा मित्र मंडली के सदस्यों ने उन्हें तौलिया और साड़ी उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की। इस दौरान गोविंदा, मनीष, हितेश और अन्य लोग मौजूद रहे।

रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल

घटनास्थल पर एसडीएम बन सिंह नेताम, तहसीलदार कमलेश मिरी, थाना प्रभारी कुमारी चंद्राकर, नायब तहसीलदार आकाश गौतम, रेंजर कमलेश राय समेत पुलिस और वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। रेस्क्यू टीम में एसआई आभास मिंज, अजय शर्मा, वन विभाग के साहिश कपूर, अमरनाथ रजवाड़े, समिति अध्यक्ष मंगल दास, विकास यादव, हिमाचल बंजारा, परमेश्वर दास, दीनानाथ यादव, मधु, शिवमंगल, कुंजल, सुबरन रजवाड़े, जावेद खान, अंकित यादव, हरपाल सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने मदद की।

बैगा अशोक समेत अन्य का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा

रेस्क्यू ऑपरेशन में बहादुरी दिखाने वाले बैगा अशोक सहित अन्य लोगों के नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजे जाएंगे। एसडीएम बन सिंह नेताम ने पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा की और प्रस्ताव भेजने की बात कही।

रामगढ़ मेले में लाखों की भीड़, फिर भी सुरक्षा पर सवाल

गौरतलब है कि चैत्र नवरात्र के अवसर पर रामगढ़ में भारी भीड़ उमड़ती है। इस समय यहां रामगढ़ मेला चल रहा है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। हालांकि, प्रशासन की तमाम तैयारियों के बावजूद सुरक्षा में कुछ कमियां रह जाती हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं।

बंदरों की बढ़ती समस्या, श्रद्धालु रहते परेशान

वन क्षेत्रों में भोजन की कमी के कारण बंदर श्रद्धालुओं से खाने की चीजें छीनने की कोशिश करते हैं। इस कारण कई बार श्रद्धालु घायल हो जाते हैं, जैसा कि इस बार भी देखने को मिला।

राखे राम तो लेजे कौन!

इस घटना में नव्या की जान भले ही बाल-बाल बच गई, लेकिन यह हादसा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। प्रशासन को चाहिए कि वह श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और कड़े कदम उठाए।

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