जोहार छत्तीसगढ़-खरसिया।
यूं तो विद्युत विभाग का काम नगर में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है परंतु खरसिया विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहरबानी से नगर में विद्युत आपूर्ति का बुरा हाल है और मजे की बात यह है कि इनके द्वारा उपभोक्ताओं का फ़ोन तक नही उठाया जाता, विद्युत विभाग की इस प्रकार की हरकतों की वजह से नगर में विद्युत व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है यहां तक कि पानी जैसे मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी कभी कभी विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गौरतलब है खरसिया शहरी व ग्रामीण विद्युत आपूर्ति से इन दिनों आमजन खासे परेशान है, बिना जानकारी के घंटों लाइट बंद रहती है मजे की बात यह है कि बरसात के नाम से गर्मी के नाम से गणेश पूजा दुर्गा पूजा दशहरा दीपावली मेंटेनेंस के नाम पर विभाग द्वारा कटौती कर व्यवस्था सुधार का दावा किया जाता है लेकिन विद्युत विभाग के ये दावे सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह गए हैं। नगर में विभाग के अधिकारियों के निर्देश से दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है जिसमें सभी अधिकारी कर्मचारी व आम उपभोक्ता जुड़े हुए हैं उस ग्रुप के माध्यम से भी आम उपभोक्ताओं को अधिकारी कर्मचारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता है जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सत्ता पक्ष के साथ साथ विपक्ष भी उदासीन
ऐसा नहीं है की विद्युत विभाग की मनमानी की खबर नगर के मठाधीशों को नहीं है लेकिन सत्ता पक्ष की मजबूरी कहें या अपने पार्टी की स्वामिभक्ति, उनके द्वारा इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया जाता जिससे कि जनता को राहत मिल सके और विपक्ष तो खरसिया में सिर्फ नाम मात्र के लिए हैं, गाहे बगाहे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कभी ज्ञापन दे भी दिए तो यही उनका अंतिम प्रयास रहता है, कुल मिलाकर देखा जाए नगर में बिजली व्यवस्था के मामले में पक्ष विपक्ष दोनों ने ही आम जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है जिससे भी विभाग के अधिकारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और नगर की जनता प्रदेश में सरप्लस बिजली होने के दावों के बावजूद बिजली की कमी से जूझने को मजबूर है।








