छत्तीसगढ़

धरमजयगढ़ थाने में एक और फर्जी जमीन रजिस्ट्री के आरोप में के्रता-विक्रेता पर एफआईआर दर्ज

जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अमलीटिकरा प.ह.नं. 09 में शासकीय भूमि की फर्जी रजिस्ट्री के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में पुलिस ने विक्रेता फूलेश्वरी पति मानिकदास एवं क्रेता राजू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दर्ज एफआईआर के अनुसार, मामला ग्राम अमलीटिकरा स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 334, 348, 349, 355, 357 अभिलेख में दखल रहित भूमि एवं अकृषि योग्य शासकीय भूमि में से रकवा खसरा नंबर 334, 348/2, 349/2, 355/2, 357/2 रकबा 0.260, 0.121, 0.161, 0.382, 0.387, हे. को बिना वैध प्राधिकार व वैधानिक अनुमति के एन केन प्रकारण फूलेश्वरी पति मानिकदास निवासी अमृतपुर तह. धरमजयगढ़ के नाम खसरा पांच शाला वर्ष 2001-2002 से 2006 के आधार वर्ष 2001-2002 में बसरा पचशाला के कलम 03 में भूमिस्वामी हक में दर्ज कर दिया गया है। बाद में उपरोक्त भूमि को राजू कुमार यादव पित्ता गुरुवारू यादव निवासी अमलीटिकरा के द्वारा रजिस्टर्ड विक्रय पत्र 17 जनवरी 2025 को क्रेय किया है। शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में दर्ज कराकर रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आया था। फर्जी रजिस्ट्री की शिकायत की जांच करने पर पाया गया कि शासकीय भूमि को फर्जी तरीके खरीद बिक्री किया गया है। एफआईआर में तहसीलदार धरमजयगढ़ कार्यालय से जारी पत्राचार एवं राजस्व अभिलेखों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के आधार पर धरमजयगढ़ पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को एफआईआर क्रमांक 0267 दर्ज किया है। पुलिस जमीन से संबंधित दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री से जुड़े तथ्यों की जांच करने में जूट गई है।

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