जोहार छत्तीसगढ़-नवागढ़।
शासकीय प्राथमिक शाला रनबोड़ में निर्धारित समय से पहले स्कूल में ताला आखिर क्यों लगा। अब सवाल तो उठना स्वाभाविक है – क्या रनबोड़ स्कूल के प्रधान पाठक ने सरकार द्वारा दिये गए आदेश और जिला प्रशासन के निर्देश का पालन नहीं करते हंै क्या समय से पहले स्कूल बंद कर दिये..? अपने मनमर्जी का राज चला तो नहीं रहे शासकीय प्राथमिक शाला रनबोड़ स्कूल के प्रधान पाठक,चेक आउट लागू होंने के बाद भी कैसे समय से पहले बच्चों को दिया छुट्टी,और स्कूल पर लगा ताला,अब कैसे लगाए चेकिंग आउट यह अब जांच का विषय है, जब स्कूल का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक है, तो समय से पहले छुट्टी आखिर किस आदेश का आधार पर दिया, जब स्कूल खुला तो समय से पहले बंद करने के लिए विभागीय अधिकारियों से अनुमति लिए की नहीं।
*मीडिया पहुंचने के दौरान स्कूल में समय से पहले लगा ताला
समय से पहले स्कूल बंद मिलने पर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को अवगत तो कराया गया अब देखने वाली यह बात है की क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके की जांच करेंगे और समय से पहले छुट्टी देने वाले जिम्मेदार प्रधान पाठक से जवाब मांग कर उचित नियम अनुसार कार्यवाही करेंगे या नहीं ? अब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एक्शन मोड़ पर आएगा। और शासकीय कार्यों पर अपने मनमर्जी का राज चलाएगा उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही किया जाएगा या नहीं यह बड़ी सवाल है। बच्चों की पढ़ाई के मामले में अब सवाल सिर्फ ताले का नहीं, जिम्मेदारी का है – देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग ने प्रधान पाठक पर किस तरीके से जांच कर्ता है या फिर फाइलों में ही बंद हो तो नही जाता है यह एक बड़ी सवाल है।








