छत्तीसगढ़

पत्थलगांव-धरमजयगढ़ सड़क से दौरा कर लेते नेताजी, क्षेत्रवासियों का भाग्य खुल जाता!

जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।

सीतापुर-अंबिकापुर मार्ग पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की कार सड़क के गड्ढे में फंसने और उसे निकालने में करीब दो घंटे लगने की घटना ने खराब सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि अंबिकापुर जाते समय सड़क की बदहाल स्थिति के कारण उनकी कार फंस गई, जिसके बाद उन्होंने प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी और स्थानीय विधायक एवं मंत्री राजेश अग्रवाल से सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद सड़क मरम्मत का काम शुरू होने की बात सामने आई है। इस घटना को लेकर अब धरमजयगढ़ क्षेत्र के लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है कि अगर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय एक बार पत्थलगांव से धरमजयगढ़ तक का दौरा कर लेते और उनकी गाड़ी भी इसी तरह सड़क के गड्ढे में फंस जाती, तो शायद क्षेत्रवासियों का भी भाग्य खुल जाता और वर्षों से बदहाल सड़क की सुध लेने जिम्मेदारों की नींद टूट जाती।

जनता रोज भुगत रही परेशानी, जिम्मेदार कब लेंगे सुध?

पत्थलगांव से धरमजयगढ़ तक सड़क की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और खराब हिस्सों के कारण वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। कर्मचारी, व्यापारी, मरीज और आम नागरिक इसी सड़क का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। खराब सड़क के कारण वाहनों को नुकसान हो रहा है और लोगों का समय भी बर्बाद हो रहा है।

सड़क को लेकर चक्का जाम तक कर चुके हैं लोग

पत्थलगांव-धरमजयगढ़ मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर आंदोलन भी किया है। लोगों द्वारा चक्का जाम तक किया जा चुका है। इसके बावजूद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि आम जनता की गाडिय़ां प्रतिदिन गड्ढों में फंसती हैं, वाहन खराब होते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, लेकिन उनकी परेशानी को जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं ले रही है, जिस तरह किसी बड़े नेता या अधिकारी की गाड़ी सड़क पर फंसने के बाद मामला तुरंत चर्चा में आ जाता है।

नेता जी एक बार इस सड़क से भी गुजर जाएं

अब क्षेत्रवासियों की ओर से व्यंग्यात्मक अंदाज में यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय जी एक बार पत्थलगांव से धरमजयगढ़ सड़क मार्ग का भी दौरा कर लेते। शायद सफर के दौरान उनकी गाड़ी भी किसी बड़े गड्ढे में फंस जाते। लोगों का कहना है कि अगर ऐसा होता तो शायद सड़क की बदहाली की खबर राजधानी तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता और संबंधित विभाग के अधिकारी तत्काल सड़क की मरम्मत में जुट जाते।

वीआईपी गाड़ी फंसे तो सड़क सुधरेगी या जनता की आवाज से?

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सड़क तभी सुधरेगी जब किसी वीआईपी की गाड़ी गड्ढे में फंसेगी? अगर आम जनता वर्षों से खराब सड़क पर सफर कर रही है, आंदोलन कर रही है और चक्का जाम तक कर रही है, तो उसकी आवाज को उतनी ही गंभीरता से क्यों नहीं लिया जाता?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क किसी नेता या अधिकारी के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए होती है। इसलिए सड़क की मरम्मत और निर्माण का काम किसी वीआईपी के फंसने का इंतजार किए बिना प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि पत्थलगांव-धरमजयगढ़ मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग कब गंभीरता दिखाते हैं और क्षेत्रवासियों को गड्ढों से राहत कब मिलती है।

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