जोहार छत्तीसगढ़ -धरमजयगढ़।
ग्राम पंचायत खम्हार में पंचायत द्वारा निर्मित तीन दुकानों के व्यावसायिक परिसर की प्रस्तावित नीलामी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 23 अगस्त 2026 को प्रस्तावित नीलामी प्रक्रिया के खिलाफ उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नीलामी तत्काल स्थगित करने की मांग की है। ग्रामीणों की आपत्ति के बाद अब सवाल सिर्फ दुकानों की नीलामी का नहीं, बल्कि नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता, सूचना प्रसारित करने के तरीके और पंचायत के नियम-कायदों के पालन को लेकर भी खड़े हो रहे हैं।
सर्वसम्मति के बिना नीलामी कराने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत खम्हार द्वारा निर्मित तीन दुकानों के व्यावसायिक परिसर की नीलामी को लेकर गांव में सभी पक्षों की सहमति नहीं बनी है। इसके बावजूद 23 अगस्त को नीलामी की तारीख तय कर दी गई। उपसरपंच, पंच एवं ग्रामीणों का कहना है कि जब पंचायत के ही निर्वाचित प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में जल्दबाजी में नीलामी कराना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले उनकी आपत्तियों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए।
नीलामी की सूचना को लेकर सचिव पर गंभीर आरोप
मामले में ग्राम पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे पंचों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नीलामी की सूचना समाचार पत्र में प्रकाशित नहीं कराई गई, बल्कि सोशल मीडिया पर पोस्टर के माध्यम से सूचना प्रसारित की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़ी नीलामी की सूचना पर्याप्त और पारदर्शी तरीके से आम लोगों तक नहीं पहुंचती है, तो इससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ऐसे में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
चुपचाप नीलामी पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि नीलामी प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से आम ग्रामीणों और इच्छुक लोगों को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाई। उनका कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति की नीलामी ऐसी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, जिसमें अधिक से अधिक पात्र और इच्छुक लोग शामिल हो सकें तथा किसी भी तरह की पारदर्शिता पर सवाल न उठे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं, बल्कि उनकी मांग निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमसम्मत नीलामी प्रक्रिया की है।
सीईओ को ज्ञापन, नीलामी रोकने की मांग
उपसरपंच, पंच एवं ग्रामीणों ने जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता और सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक तीनों दुकानों की नीलामी स्थगित रखी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की संपत्ति पूरे गांव की सार्वजनिक संपत्ति है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और नियमानुसार प्रक्रिया का पालन होना जरूरी है। 23 अगस्त को प्रस्तावित नीलामी से पहले ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सवालों ने अब जनपद पंचायत प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। क्या प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत की जांच कर नीलामी प्रक्रिया को रोकेगा? क्या नीलामी की सूचना जारी करने की प्रक्रिया की जांच होगी? क्या पंचायत सचिव की भूमिका की भी जांच की जाएगी?
इन सवालों का जवाब अब प्रशासन की कार्यवाही से ही सामने आएगा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नीलामी नियमों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ होती है तो उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई है तो पहले उसे दुरुस्त किया जाना चाहिए, उसके बाद ही नीलामी की कार्यवाही आगे बढऩी चाहिए। फिलहाल खम्हार की तीन दुकानों की नीलामी को लेकर गांव में विवाद गहरा गया है और सभी की नजर अब जनपद पंचायत धरमजयगढ़ प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।








