जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
नवागढ़ नगर में संचालित गायत्री हॉस्पिटल के संचालक ने अपनी कमजोरी छुपाने और स्वास्थ्य विभाग की विधिवत कार्रवाई से बचने के लिए, दैनिक अखबार तथा सोशल मीडिया पर लगातार उजागर हो रही खबरों से बौखलाकर पत्रकारों के खिलाफ कथित रूप से झूठी और मनगढ़ंत शिकायत का सहारा लेने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गायत्री हॉस्पिटल के संचालक पिलेश्वर आडिल द्वारा अपने स्वार्थ को सिद्ध करने तथा पत्रकारों से प्रतिशोध लेने की मंशा से नवागढ़ की किसी महिला को ढाल बनाकर पत्रकारों के खिलाफ खड़ा करने और झूठी छेड़छाड़ की शिकायत के माध्यम से फँसाने की कथित कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि इसी उद्देश्य से नवागढ़ थाना पहुंचकर पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया जा रहा है।
क्योंकि पत्रकारों द्वारा लोकहित में खबरें प्रसारित कर शासन एवं जिला प्रशासन को अस्पताल की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने का हरसंभव प्रयास किया गया। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान सामने आई कथित कमियों और नर्सिंग होम एक्ट के तहत होने वाली विधिवत कार्रवाई से जुड़े सवालों को लगातार समाचारों के माध्यम से उठाया गया। ऐसे में अब पत्रकारों को ही निशाना बनाकर उनकी छवि को बदनाम करने और शासन-प्रशासन का ध्यान अस्पताल से जुड़े मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश किए जाने की आशंका सामने आ रही है।
यदि पत्रकारों के खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। लोकहित में अस्पताल से संबंधित खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को कथित झूठे आरोपों या मनगढ़ंत शिकायतों के जरिए दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर सवाल खड़े करता है।
गायत्री हॉस्पिटल से जुड़े स्वास्थ्य विभाग की जांच, सामने आई कमियों और नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्रस्तावित कार्रवाई पर सवाल अब भी कायम हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन अस्पताल से जुड़े मूल मामलों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करता है या पत्रकारों के खिलाफ की जा रही कथित शिकायतों के पीछे के तथ्यों की भी गंभीरता से जांच करेगा।








