जोहार छत्तीसगढ़-कुसमी।
बलरामपुर जिले के आदिवासी विकासखंड कुसमी अंतर्गत सेरेंगदाग बॉक्साइट उत्खनन क्षेत्र में संचालित बालाजी टाइल्स एंड मार्बल कंपनी एक बार फिर विवादों में आ गई है। स्थानीय लोगों ने कंपनी पर बिना अनुमति छोटे झाड़ वाले वन क्षेत्र को काटकर मिट्टी डंपिंग स्थल बनाने तथा नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने पिट नंबर-1 के समीप छोटे जंगलों की सफाई कर वहां मिट्टी डंपिंग का कार्य शुरू कर दिया है। आरोप है कि इस संबंध में न तो स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही ऐसा कोई सार्वजनिक विवरण उपलब्ध है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित कार्य के लिए वन विभाग अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामीणों पर दबाव बनाकर लंबे समय से कार्य कराया जाता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कंपनी के संचालक ऋषभ मित्तल जब भी सेरेंगदाग माइंस क्षेत्र का दौरा करते हैं तो उनके साथ हथियारधारी सुरक्षा कर्मी भी रहते हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी तो धीरे-धीरे वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचेगा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि संबंधित कार्यों की जानकारी वन विभाग को भी नहीं है। इस संबंध में वन मंडल अधिकारी, बलरामपुर आलोक वाजपेयी ने कहा कि मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार संबंधित कंपनी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में कंपनी के मैंनेजर आलोक चतुर्वेदी द्वारा प्रतिक्रिया सामने आई है कि वह एरिया छोटे झाड़ के जंगल में नहीं है आप सामने आ जाइए बैठकर बात कर लेते हैं। अब देखना यह होगा कि वन विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम इसमें क्या कार्यवाही करती है या फिर लीपापोती कर इस मुद्दे को भी कचरे में डाल दिया जाएगा।








