जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना धरमजयगढ़ विकासखंड के कई क्षेत्रों में अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। ताजा मामला क्रिन्धा ग्राम पंचायत के आश्रित मोहल्ला जलडेगा का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ उन्हें पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है और अधिकांश आवास अधूरे पड़े हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार जलडेगा मोहल्ले में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवासों में से लगभग 90 प्रतिशत आवास आज भी अधूरे हैं। कई हितग्राहियों के मकानों में न तो छत पूरी हो सकी है और न ही अन्य आवश्यक निर्माण कार्य पूरे हुए हैं। आप चित्र में देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने भवन का क्या स्थिति है, आधा अधूरा दीवाल खड़ कर रखे हैं। अधूरे मकानों के कारण लाभार्थियों को बरसात और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच-सचिव की मनमानी के कारण योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि शासन की कई योजनाएं केवल कागजों में संचालित होती दिखाई देती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर अधूरे पड़े प्रधानमंत्री आवासों को जल्द पूर्ण कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यवाही करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और उन्हें पक्के आवास का सपना कब पूरा हो पाता है।








