छत्तीसगढ़

85 उपार्जन केंद्रों का लेखा-जोखा लंबित, जिला विपणन अधिकारी को सहकारिता पंजीयक शिल्फा अग्रवाल ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
जिले में धान खरीदी से संबंधित लेखा मिलान कार्य में लापरवाही सामने आने पर उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं बेमेतरा ने जिला विपणन अधिकारी गजेन्द्र राठौर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। जारी नोटिस में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 56(1) के अंतर्गत लेखा मिलान पत्रक प्रस्तुत करना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद जिले के 85 उपार्जन केंद्रों का लेखा मिलान अब तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी कार्यालय द्वारा धान का संपूर्ण उठाव कर लेखा मिलान पत्रक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने इसे अधिकारियों के दायित्वों के प्रति उदासीनता बताते हुए गंभीर माना है। सहकारी विभाग के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों तथा सदस्य किसानों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए धान का संपूर्ण उठाव एवं लेखा मिलान आवश्यक है। कार्य में विलंब से समितियों को आर्थिक नुकसान होने की संभावना जताई गई है। नोटिस में जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि 08 जून 2026 तक शेष उपार्जन केंद्रों का लेखा मिलान कर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत प्रति उपार्जन केंद्र 50 हजार रुपये तक का अर्थदंड अधिरोपित किए जाने की चेतावनी दी गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले में धान खरीदी एवं लेखा मिलान व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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