उमा यादव धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ विकास खण्ड को ओडीएफ फाईलों में ही बना दिया गया है जमीनी हकीकत कुछ और ही है। धरमजयगढ़ विकासखण्ड में 118 ग्राम पंचायत हैं जिसमें शायद ही कोई पंचायत होगा जिसमें शत प्रतिशत शौचालय बना होगा। शत प्रतिशत शौचालय निर्माण नहीं होने के बाद भी अधिकारी-कर्मचारियों ने सरपंच-सचिव से शत प्रतिशत शौचालय निर्माण की प्रमाण पत्र लेकर शौचालय निर्माण में खुलकर भ्रष्टाचर किया गया है। शौचालय घोटालों की जांच करने के लिए शासन की ओर से कई अधिकारी कर्मचारी तो न्यूक्ति किया गया है लेकिन वह भी सिर्फ अपने वेतन से मतलब रख रहे हैं। जिसका नतीजा आज देखने को मिला ग्राम पंचायत जमरगा में इस पंचायत में शौचालय तो सभी घर में नहीं बना है लेकिन जिनके घर में शौचालय बना है वह उपयोग करने लायक नहीं है। ग्रामीणों से चर्चा करने पर ग्रामीणों ने हमारे टीम को बताये कि सरपंच-सचिव द्वारा बनाये गये शौचालय इतना घटिया है कि उसमें शौच करने नहीं बनता है। जो शौचालय सरपंच सचिव बनवाया है उसका दरवाजा इतना घटिया है कि अपने आप टूटकर गिर गये हैं। जमरगा में ऐसे कई शौचालय देखने को मिला जिसमें सरपंच-सचिव सीट लगाना ही भूल गये हैं। अब सोचने वाली बात है कि बिना सीट एवं बिना दरवाजे वाले शौचालय में ग्रामीण शौच कैसे करेंगे? आये दिन शौचालय की खबर अखबारों मेंं प्रकाशित होने के बाद भी घटिया शौचालय निर्माण की जांच नहीं होना समझ से परे हैं। जमरगा पंचायत में पंचायत द्वारा बनाये गये शौचालय देखने से तो ऐसा लगता है कि यह शौचालय कई साल पूराना है क्योंकि शौचालय का उपयोग नहीं होने के कारण शौचालय के आस पास घास जम गये हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में जनपद पंचायत अधिकारी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हमने सभी पंचायत के सचिवों से शौचालय का फोटों मंगाये हैं ताकि पता चले कि कौन पंचायत में शौचालय अधूरा एवं घटिया निर्माण हुआ है। सचिवों को फोटो तीन तरफ से खिंचकर लाने के लिए बोला गया है। ताकि पता चल सकें की शौचालय में सेप्टीक टैंक बना है या नहीं क्योंकि कई पंचायत के शिकायत आ रहे हैं कि शौचालय तो बनाया गया है लेकिन उसमें गड्ढा नहीं बनाया गया है। अगर शिकायत सही पाया जाता है तो सचिव पर कार्यवाही किया जायेगा।
डॉ. अज्ञामणी पटेल सीईओ जनपद पंचायत धरमजयगढ़

