जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ नगर पंचायत घोटाला, फर्जी बिल के मामले में अपना एक अलग ही पहचान बना लिया है? शासन का पैंसा को कैस खाना है सीखना है तो धरमजयगढ़ नगर पंचायत के अधिकारियों से जाने? नगर में स्ट्रीट लाईट लगाने के लिए शासन से लगभग 1 करोड़ों रूपये से जारी हुआ था। शासन द्वारा जारी राशि को अधिकारियों द्वारा ठेकेदार से मिलकर बंदरबांट करने का मामला सामने आया है, टेंडर के अनुसार कार्य नहीं करवाया गया है ठेकेदार से, और ठेकेदार का पूरा बिल भुगतान कर दिया गया है। पूरे नगर में 260 स्ट्रीट लाईट लगना था लेकिन ठेकेदार अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर स्ट्रीट लाईट कम लगाया गया है। एक पोल का कीमत शासन के टेंडर अनुसार 26 हजार और 29 हजार 6 सौ है, अब आप सोच सकते हैं कि शासन की राशि का कैसे बंदरबांट किया गया है। बात सिर्फ स्ट्रीट लाईट कम लगाने का नहीं है साथ ही साथ ठेकेदार द्वारा पोल की साईज में भी घोटाला किया है, 10 मीटर वाला पोल के जगह में 7 मीटर का पोल लगाया गया है, एवं खाम्भे में लगे लाईट भी बहुत ही घटिया किस्म का है जो एक माह भी सही सलमत नहीं जल पाया है।

उचित जांच हुई तो अधिकारी जायेंगे जेल?
नगर पंचायत धरमजयगढ़ द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्य एवं खरीदी की गई समान की बिल की अगर उचित जांच किया जाये तो अधिकारी-कर्मचारी को जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता? इतने बड़े पैमाने पर नगर पंचायत में शासन से जारी रूपये का गोलमोल हुआ है। अधिकारियों के घोटाले बाजी के कारण आज लोगों के घर में इस भीषण गर्मी में पेज जल सही सलामत नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष भी मौन
नगर पंचायत में चल रहे अनियमितता को लेकर किसी भी दल के नेताओं ने आज तक आवाज नहीं उठाई है, हां बीच-बीच में ये नेता जी लोग सोशल मीडिया में अपना उपस्थिति दर्ज जरूर करते हैं। और जमकर विरोध भी करते हैं लेकिन नगर पंचायत ऑफिस आकर कोई अधिकारियों से सवाल जवाब नहीं करते हैं कि नगर वासियों को उनका हक क्यों नहीं मिल रहा है? स्ट्रीट लाईट में हुए लाखों की घोटाले की बात कोई नहीं करते, सत्ता पक्ष के नेता चर्चा में रहने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं और विपक्ष तो ऐसा लगता है ही नहीं, आज तक नगर विकास को लेकर कोई आवाज नहीं उठाये हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष की हालत देख नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों के हौसला इतना बड़ गया है कि ये लोग घोटाले के उपर घोटले करते जा रहे हैं। नेताओं को चाहिए कि निर्माण कार्य एवं नगर पंचायत द्वारा खरीदी की गई समान का बिल भाऊचर का उचित जांच करवा कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें ताकि आने वालें चुनाव में वोट मांगने जा सके।



