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मलका पॉवर से क्षेत्र को नहीं मिल रहा बिजली, उल्टा नगर पंचायत का जल आवर्धन योजना को किया फेल

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

धरमजयगढ़ के मांड नदी में मलका पॉवर का जल विद्युत परियोना बनकर तैयार हो गया है, लेकिन विडंबना देखिए कि इस परियोजना में करोड़ों रूपये खर्च होने के बाद भी क्षेत्रवासियों को परियोजना का कोई फायदा नहीं हो रहा है। क्षेत्रवासियों का बिजली समस्या जैसा का तैसा बना हुआ है। मलका कंपनी का कहना है कि हमारा जो परियोजना है उसमें साफ-साफ लिखा हुआ है कि पानी रहने पर ही बिजली उत्पादन होगा, अब नदी में पानी नहीं है तो हम क्या करें? लेकिन मजेदार बात है कि जब नदी में पानी था तब क्या धरमजयगढ़ वासियों को मलका कंपनी का बिजली मिला ये किसी को नहीं मालूम, क्योंकि धरमजयगढ़ का बिजली समस्या कई सालों से चला आ रहा है, अगर मलका का बिजली मिलता तो कुछ तो परेशानी कम होता दिखाई देता।

निर्माण में भारी भ्रष्टाचार?

मलका कंपनी द्वारा नदी से पॉवर हॉऊस तक पानी लाने के लिए जो नहर का निर्माण किया गया है वह बहुत ही घटिया किस्म का किया गया है। जब इनके द्वारा परियोजना का उद्घाटन किया जा रहा था तब भी नहर का काम अधूरा ही था। और भी मजेदार बात है कि जिस दिन परियोजना का उद्घाटन किया गया था उस दिन इनका पॉवर प्लांट का मशीन चालू ही नहीं हुआ था फिर ये कैसा उद्घाटन था किसी को पता ही नहीं चला। मलका का नहर का क्या हाल है ये आप खुद जाकर देख सकते हैं आधा अधूर निर्माण करके परियोजना पूरा होना बताया जा रहा है इससे तो साफ नजर आ रहा है कि कंपनी से क्षेत्रवासियों को कोई फायदा हो रहा है, कंपनी सिर्फ सब्सिडी का खेल खेल रहे हैं?

मलका के कारण नगर वासियों को नहीं मिल रहा पानी?

कुछ हमारे अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के कमीशन खोरी के चक्कर में आज करोड़ों रूपये से बने जल आवर्धन योजना फैल होता दिखाई दे रहा है। इस भीष्ण गर्मी में नगरवासियों को सही समय पर नगर पंचायत पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। हम आपको बता दे कि नगर पंचायत का जल आवर्धन योजना के कुछ ही दूरी पर मलका पॉवर का परियोजना संचालन हो रहा है। जल आवर्धन योजना के उपरी साईड में मलका द्वारा नदी को बांधकर पानी ले लिया जा रहा है जिससे जल आवर्धन योजना पूरी तरह फैल होता दिखाई दे रहा है, जैसे-जैसे गर्मी बढ़ता जायेगा वैसे-वैसे जल आवर्धन योजना का पानी सप्लाई कम होता जायेगा। विडंबना देखिए कि कुछ लोगा कमीशन खोरी के चक्कर में जल विद्युत परियोजना को अनापत्ति दे दिया है और अपनी ही महत्वाकांक्षी योजना जल आवर्धन योजना का ख्याल नहीं रखा कि आगे जाकर क्या होगा? क्योंकि जल आवर्धन योजना पहले चालू हुआ और बाद में मलका का बिजली परियोजना। नगर पंचायत में बैठे अधिकारी और परिषद ने बिना कुछ जाने सिर्फ और सिर्फ अपना फायदे के लिए मलाका को परियोजना लगाने का अनापत्ति दे दिया है, इनके एक गलत निर्णय का खामियाजा हमेशा के लिए नगर की जनता भुगते रहेंगे। आप लोग देखे होंगे कि समय-समय पर सोशल मीडिया में नगर के कुछ लोग और जनप्रतिनधि, नेताओं का जल आवर्धन योजना को लेकर प्रतिक्रिया आते रहते हैं।

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