जोहार छत्तीसगढ़-खरसिया।
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना श्री-धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहद कम दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाईयां उपलब्ध कराना है, खरसिया में पिछले 20 दिनों से ताले में बंद है। इस अव्यवस्था के कारण क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसके कारण आम आदमी महंगी दवाइयां खरीदने को मजबूर हो रहा है। शासन द्वारा संचालित इस स्टोर के बंद होने से उन मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जो नियमित रूप से यहां से सस्ती दवाइयां प्राप्त करते थे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जेनेरिक दवाइयों पर मिलने वाली 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक की छूट का लाभ अब उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
मजबूरन उन्हें निजी मेडिकल स्टोर्स से एमआरपी (रूक्रक्क) पर महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
लगातार 20 दिनों से स्टोर बंद रहने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने यह योजना गरीब लोगों को मांगी दवाइयां से राहत दिलाने के लिए शुरू की है परंतु खरसिया में योजना के उद्देश्य पर पानी फिर रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री धन्वंतरी योजना के तहत नगरीय निकायों में ये दुकानें इसलिए खोली गई थीं ताकि ब्रांडेड दवाइयों के भारी-भरकम खर्च से आम आदमी को बचाया जा सके। लेकिन खरसिया में स्टोर का बंद होना न केवल सरकारी दावों की पोल खोल रहा है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर रहा है।
हम कई बार स्टोर आए लेकिन हर बार ताला लटका मिलता है। निजी दुकानों में दवाइयां बहुत महंगी हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है।
रामेश्वर
क्या कर रहा है प्रशासन
स्टोर बंद होने का मुख्य कारण क्या है—स्टॉक की कमी, भुगतान का विवाद या कर्मचारियों की अनुपस्थिति—यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। नागरिकों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग तत्काल संज्ञान लेकर मेडिकल स्टोर को दोबारा शुरू करवाएं ताकि गरीबों को राहत मिल सके।
मेडिकल स्टोर हमारे नियंत्रण में नहीं-सिविल अस्पताल प्रभारी
इस संबंध में सिविल अस्पताल प्रभारी डॉक्टर विक्रम राठिया से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स उनके नियंत्रण में नहीं है। यह क्यों बंद है इसके बारे में कोई जानकारी भी संचालक द्वारा साझा नहीं की गई है।
