जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
रायगढ़ जिले की अगर बात की जाये तो सबसे अधिक शासकीय राशन में गोलमाल अगर हुआ है तो वह है धरमजयगढ़ विकास खण्ड। धरमजयगढ़ विकास खण्ड में ग्रामीणों को सही तरीके से राशन नहीं मिल पता है, ऐसे कई दुकानदार है जो ग्रामीणों चमका धमका कर हर माह पॉश मशीन में अंगुठा लगवा लेते हैं ये बोलते हुए कि अगर अंगुठा नहीं लगाओगे तो राशन नहीं आयेगा। विडंबना देखिए कि इसकी शिकायत भी होता है खाद्य अधिकारी के पास, लेकिन कार्यवाही के नाम पर जीरो बटा सन्नटा ही रहता है। समाचार पत्रों के माध्यम से भी राशन दुकान की खबरे छपते रहते हैं लेकिन खाद्य अधिकारी को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आज हम बात कर रहे हैं ग्राम पंचायत पाराघाटी की इस पंचायत में ग्रामीणों को सही समय में राशन उपलब्ध नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि राशन दुकानदार कभी कभार ही दुकान खोलते हैं और एक दो दिन राशन वितरण करने के बाद राशन खतम हो गया बोलते हैं।
पत्थलगांव जाते हैं राशन लेने
वहीं हितग्राहियों ने बताया कि हम लोग कई किलोमीटर दूर चलकर पत्थलगांव जाते हैं चावल लेने के लिए क्योंकि हमारे यहां जो राशन डीलर है वह तो राशन देते ही नहीं है तो हम क्या करें। मेहनत करके पत्थलगांव जाते है तो कम से कम अपने हक का राशन तो मिल जाता है। अब आप सोचिए कि क्या हाल है धरमजयगढ़ में राशन दुकान का?
कलेक्टर के आदेश के बाद भी कार्यवाही नहीं
ग्रामीणों द्वारा राशन नहीं मिलने की शिकायत कलेक्टर रायगढ़ से भी किये हैं कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए घोटालेबाज राशन माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही करते हुए एफआईआर तक करने की निर्देश जारी किये हंै लेकिन इसके बाद भी कार्यवाही न करते हुए राशन माफियाओं पर मेहरबान क्यो बन बैंठे हैं अधिकारी?



