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अड़ानी को पुरूंगा कोल ब्लॉक जनसुनवाई सफल करने लोहे का चना चबाना पड़ेगा?… ग्रामीणों को लुभाने के लिए कंपनी वालों ने देना शुरू किया लाली पॉप

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

अंबुजा सिमेंट (आडानी) समूह की पुरूंगा कोल ब्लॉक खोलने के लिए कंपनी वालों ने ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाने के लिए नौकरी का झांसा देने लगे हैं? हम सभी को तो मालूम ही है कि पुरूंगा कोल ब्लॉक की जानसुनवाई पिछले दिनों ग्रामीणों की विरोध के कारण स्थागित करना पड़ा था। कोल ब्लॉक से प्रभावित ग्रामीणों ने जन सुनवाई का जोरदार विरोध किया था। पुरूंगा गांव में कोई घूस न पाये इसके लिए पुरूंगा की सभी सड़के बंद कर दिया गया था। तो वहीं ग्रामीणों के विरोध के सामने प्रशासन को झूकना पड़ा और जन सुनवाई अगामी तिथि तक के लिए स्थागित करना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बहुत जल्द ही पुरूंगा कोल ब्लॉक की जन सुनवाई की तिथि आने वाला है। जन सुनवाई को सफल बनाने अभी से कंपनी वालों ने ग्रामीणों को कई प्रकार का प्रलोभन देने का काम शुरू कर दिया है। कुछ लोग कंपनी वालों के साथ मिलकर ग्रामीणों को बेवाकूफ बनाने का रणनीति बनाना शुरू कर दिया है, इसके लिए कंपनी वालों ने रेट भी फिक्स कर रखा है।

नौकरी देने के नाम पर लोगों से ले रहे बायोडाटा

कोल ब्लॉक के प्रभावित ग्रामीणों को कंपनी वालों ने नौकरी देने का एक सुनहारा सपना दिखा रहे हैं कि हम बेरोगारों को नौकरी देंगे इसके लिए बाकायदा बेरोजगार युवकों से बायोडाटा लेने का काम शुरू किया है। अब सवाल उठता है कि कंपनी वाले इन बेरोजगार लोगों को कहां पर नौकरी देंगे और क्या नौकरी देंगे? क्योंकि पुरूंगा कोल ब्लॉक की अभी तक किसी भी प्रकार की कोई अनुमति नहीं मिला है सिर्फ अंबुला सिमेंट को कोल ब्लॉक आबंटन हुआ है। अभी तक पर्यावरण जन सुनवाई तक नहीं करवा पाया है फिर किस बात की नौकरी देंगे ये ग्रामीण बेरोजगार युवकों को? सिर्फ जन सुनवाई सफल बनाने के लिए कुछ बेरोगार युवकों को कुछ रूपए में नौकरी में रखकर, ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने का काम करेंगे। कोल ब्लॉक के प्रभावित ग्रामीणों को इनके इस चाल में नहीं आना चाहिए। वैसे भी पुरूंगा कोल ब्लॉक अंदर ग्राउंड है, जिसके कारण कंपनी नौकरी देने के लिए बाध्य नहीं है, जब खदान खुलने से नौकरी देने के लिए बाध्य नहीं है तो फिर खुलने से पहले किस बात के लिए नौकरी दे रहा है ये ग्रामीणों को सोचने की बात है।

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