जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष गोकुल नारायण यादव ने विधायक लालजीत सिंह राठिया से सीधा सवाल कर पूछा है कि निजी कंपनियों के खदानों के खिलाफ ही क्यों नेता और समाजसेवी होते हैं मुखर और विरोध कर करते हैं आंदोलन? क्या प्रायवेट कंपनी के खदानों से ही होता है पर्यावरण प्रदुषित? विधायक लालजीत के विधानसभा सभा क्षेत्र में पूर्व से चार चार बड़ी कोयला की खदानें संचालित है क्या उनके खिलाफ कभी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए विधायक? क्या एस ई सी एल की चौथी सबसे बड़ी खदान जो छाल में उनके निवास स्थान के पास संचालित है उसे रोकने के लिए लालजीत ने विरोध किया? बरौद जामपाली जैसी ओपन कास्ट खदानें जो विधायक लालजीत के विधानसभा क्षेत्र में संचालित है उन क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में कभी विधायक ने जाकर उनके दु:ख दर्द को समझा या फिर उन्हें खदानों के प्रदुषण के बारे में समझाया? इन सभी प्रश्नों का जवाब नहीं ही मिलेगा, क्योंकि इन सभी खदानों को अनुमति कांग्रेस के कार्यकाल में ही दिया गया है और विधायक लालजीत राठिया और इसके पहले पूर्व विधायक और मंत्री स्व. चनेशराम राठिया के समय ही छाल और बरौद की खदानें खोली गई और तात्कालिन विधायक और वर्तमान विधायक ने विकास के कसीदे पढ़े। अब चूंकि विधायक लालजीत सत्ता से बाहर है और क्योंकि वर्तमान जो विरोध प्रदर्शन का दिखावा किया जा रहा है वो सिर्फ नीजि कंपनी होने के कारण ताकि कंपनियों का विरोध दर्ज कर जनता की सहानुभूति प्राप्त किया जा सके। मैं विधायक लालजीत से पूछना चाहता हूं कि वो सड़क पानी बिजली को लेकर क्या कभी धरना प्रदर्शन करने रायगढ़ जिला कार्यालय का घेराव किए हैं और नहीं तो क्यों? क्या विधायक लालजीत राठिया पूर्व में डी बी पावर और बालको कंपनी के जनसुनवाई में विरोध प्रदर्शन करने धरमजयगढ़ पहुंचे? विधायक धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता सब समझती है अब जनता को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कीजिए अगले विधानसभा सभा चुनाव में वैसे भी आपका यह जो गढ़ समझते हैं वो तास की पत्तों की तरह ढहने वाला है।



