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गांव वालों ने किसी भी स्थिति में कोयला खदान नहीं खोलने हेतु और दलालों से सजग रहने अनोखा तरीका अपनाया

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जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

पुरूंगा गांव में प्रस्तावित अंबूजा सीमेंट कोयला खदान के पर्यावरणीय जनसुनवाई को सफल बनाने हेतु और कंपनियों के दलालों और आदतन विरोधियों और विरोध के नाम पर कंपनी से रूपया लेकर रोजी-रोटी कमाने वालों को पुरूंगा गांव में आयोजित जनसुनवाई में नहीं जाने देंगे और ऐसे दलालों को चिन्हांकित किया जायेगा इसलिए गांव वालों ने एक शपथ पत्र लिखकर तैयार किया है जिसे जन सुनवाई स्थल पर जाने वाले हर बाहरी व्यक्तियों को एनजीओ को भरकर गांव वालों को देना होगा। इस सपथ पत्र में लिखा गया है कि मैं मां भगवती अम्बे गौरी और अपने बच्चों, पत्नी की कसम खाता हूं कि मैं नाम …. गांव/शहर …..का निवासी हूं और मैं गांव पुरूंगा में आयोजित जनसुनवाई में प्रस्तावित अंबूजा सीमेंट कोयला खदान का विरोध दर्ज कराने आया हूं। मैं मां भगवती अम्बे गौरी मैया के नाम से वचन देकर कसम खाता हूं कि मैंने कभी भी किसी भी उद्योग/कंपनी यथा बालको, डीबी पावर, जिंदल, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग के भूमि अधिग्रहण के नाम पर, मुआवजा आदि के नाम पर व किसी को मुआवजा बढ़ाने के नाम पर दलाली आदि कर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कंपनियों से रूपया या सामान नहीं लिया है, न ही मैं या मेरी संस्था समिति किसी बाहरी एनजीओ से फंडिंग लेती है। मैं यह भी वचन देता हूं कि मैं स्वयं अपने खर्चे पर यहां आकर कंपनी का विरोध कर गांव वालों का साथ देने आया हूं। इस तरह गांव वालों ने एक सुनियोजित तरीके से रणनीति बनाई है ताकि गांव वालों को कोई बाहरी व्यक्तियों द्वारा ठगी नहीं किया जा सके। गांव वालों का मानना है कि समस्त प्रभावित क्षेत्रों के ग्राम के लोग एकजुट होकर इस जन सुनवाई का विरोध करेंगे और किसी भी स्थिति में कोयला खदान नहीं खोलने देंगे। गांव वालों ने बताया कि जनसुनवाई तक हमारे सभी लोग सजगता से है और पुरुंगा गांव में आने वाले सभी मार्गों पर नजर रखे हुए हैं कि कोई बाहरी व्यक्तियों का समूह हमारे यहां नहीं आएं। गांव वालों ने बताया कि जनसुनवाई के नाम पर ऐसे-ऐसे लोगों का आना-जाना हमारे यहां हो रहा है और कोयला खदान के विरोध में प्रदर्शन करने आ रहे हैं जिनके घरों गांव में कोयला खदान चालू है उसे तो रोक नहीं सके लेकिन हमारे यहां आकर हमें समझाया जा रहा है। गांव वालों का कहना है कि हम सभी को चुपचाप सुन रहे हैं और अपनी रणनीति बना रहे हैं और हम यह भी जान चुके हैं कि जो हमें समझाया जा रहा है उसमें से अधिकांश लोग कंपनी के दलाल ही है जिन्होंने पहले कंपनी का विरोध कर रूपया कमाया है। बालको और डीबी पावर, जिंदल एवं रेलवे व राष्ट्रीय राजमार्ग धरमजयगढ़ में मुआवजा बढ़ाने और दूसरे के जमीन पर निर्माण कर सड़क मार्ग का मुआवजा लेकर अपनी तकदीर बदलने वाले आज पुरूंगा गांव की तस्वीर बदल कर अपनी तकदीर बदलने प्रयासरत हैं।

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