Home छत्तीसगढ़ धरमजयगढ़ विकास खण्ड के गली मुहल्ले में झोलाछाप डॉक्टरों का भरमार… झोलाछाप...

धरमजयगढ़ विकास खण्ड के गली मुहल्ले में झोलाछाप डॉक्टरों का भरमार… झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान से भी कर रहा खिलवाड़…The street locality of Dharamjaigarh development block is filled with hawkish doctors. Jholachhap doctors are playing with financial loss as well as life

826
0

जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।

सरकार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा आसानी से मिले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को हर प्रकार का सुविधा उपलबध करवा रही है, ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-छोटे अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती किया जा रहा है, गंभीर बीमारी से ग्रस्त को अस्पातल लाने के लिए वाहनों की सुविधा सरकार दे रही है। विडंबना देखिए धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सुविधा ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है जिसके कारण झोलाछाप डॉक्टरों की मौज हो रखा है। धरमजयगढ़ क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों पर किसी भी प्रकार की कोई जांच या कार्यवाही नहीं होता है। आपको धरमजयगढ़ में ऐसे कई झोलाछाप डॉक्टर है जो मरीजों को भर्ती कर ईलाज किया जा रहा है। इनके बिना मान्याता वाली अस्पताल में प्रशिक्षित एक भी कर्मचारी नहीं होते हैं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को होने के बाद भी इनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। धरमजयगढ़ मुख्यालय से चंद किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम ओंगना में भी एक ऐसा अवैध क्लीनिक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा संचालन किया रहा है। लगभग हर साल ओंगना गांव में महामारी फैलता है, और जैसे ही ओंगना गांव में बीमारी फैलता है ये झोलाछाप डॉक्टर अपना अवैध क्लीनिक बंदकर रफू चक्कर हो जाते हैं। ओंगना गांव के जैसा धरमजयगढ़ क्षेत्र के हर गांव में ऐसा झोलाछाप डॉक्टरों का अवैध अस्पताल संचालित हो रहा है।

स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर ग्रामीणों को लूट रहे झोलाछाप डॉक्टर

सरकार द्वारा ग्रामीणों को उपलब्ध करवाये जाने वाली स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर ईलाज करवाने मजबूर हो रहे हैं, झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान तो होता ही है साथ-साथ कई बार अपना जान भी गंवा बैंठते हंै। धरमजयगढ़ क्षेत्र में ऐसे कई अवैध अस्पताल मिल जायेंगे जिसमें गंभीर बीमारी का भी ईलाज झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा किया जाता है। ईलाज के बाद जब मरीजों का तबीयत अधिक खराब हो जाता है तब झोलाछाप डॉक्टर मरीज को सरकारी अस्पताल भेज देते हैं। ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग को कड़ी कार्यवाही करना चाहिए ताकि की ग्रामीण क्षेत्र के गरीब आदिवासी मरीजों का जान गलत ईलाज के कारण न जा सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here