जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ विकास खण्ड में शासकीय राशन की अफरा तफरी का मामला आम हो गया है। यहां के लगभग-लगभग सभी राशन दुकान में लाखों का गोलमाल हो रखा है, इन गोलमाल राशन दुकानदारों पर स्थानीय प्रशासन क्यों कार्यवाही नहीं करते हैं ये तो यही लोग बता सकते हैं? अब धीरे-धीरे राशन माफियाओं पर कार्यवाही हो रहा है। कुछ दिन पहले एक राशन दुकान को निलंबित किया गया था, राशन हेरा फेरी के मामले में। वहीं 17 मार्च 2025 को तीन राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। जिन तीन दुकान को निलंबित किया गया है वह सभी दुकान को इंदिरा महिला स्व सहायता समूह बंधनपुर द्वारा संचालित किया जा रहा था। राशन दुकान लिप्ती, कापू और बंधनपुर को इसलिए निलंबित किया गया है कि राशन दुकानदार द्वारा ग्राीमणों को सही तरीके से राशन वितरण नहीं किया जा रहा था, इसकी शिकायत बार-बार ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा था शिकायत की जांच करने पर सही पाये जाने पर एसडीएम धरमजयगढ़ ने तीनों दुकान को निलंबित कर दिया है।
भाजपा नेता ने किया राज्य खाद्य आयोग में शिकायत
कापू क्षेत्र के भाजपा नेता विनय पाण्डेय ने राज्य खाद्य आयोग में 4 एवं 6 मार्च 2025 को शिकायत दर्ज कराया है कि विकासखण्ड धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बंधनपुर और कापू के शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन पिछले 15 सालों से एक ही महिला और उसके परिवार के लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा है। उक्त दोनों ही पंचायतों के दुकानों को इंदिरा स्व सहायता समूह नामक समूह द्वारा संचालित किया जाता है, इस समूह में शामिल महिला वर्तमान में मृत हो चुके है अथवा उनको जानकारी ही ही नहीं की उनके नाम किसी महिला समूह में है। इसी कारण से पिछले 15 सालों से दोनों ही दुकानों को मंजू कर्रे पति जादिश कर्रें और उसके पति बच्चे द्वारा सचालित किया जा रहा है और समूह को मिलने वाला लाभ कमीशन राशि को अकेले ही लिया जा रहा है। इसके द्वारा ना सिर्फ फर्जी रूप से दुकान चलाया जा रहा है बल्कि अपने बंधनपुर स्तिथ मकान में नान के ट्रांसपॉर्टर शुक्ला के साथ मिलकर दूसरे उचित मूल्य दुकानों के संचालकों को बेवकूफ बना कर उनके आबंटन में से चोरी कर अपने घर में उसको भण्डारण करने का काम भी करती है। मंजू कुर्रे के बंधनपुर स्तिथ मकान में फूड इंस्पेक्टर खुशीराम नायक एवं सुधा चौहान द्वारा अवैध रूप से मिले खाद्यान्न को जब्ती बनाई गई थी, किन्तु अधिकारियों द्वारा बाद में मोटी रकम लेकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। मंजू कर्रे द्वारा 2024 में राशन कार्डों में आबंटित चना को भी ना दे कर उसे मार्केट में बेचा गया है और भोले भाले हितग्राहियों को चना नहीं आया है बोल के उनको गुमराह किया गया है। महोदय से निवेदन है की मंजू कुर्रे के दुकान संचालन का पिछले 15 सालों का रिकॉड की जांच करवा कर उसके ऊपर प्रथम सुचना रिपोर्ट दर्ज करवाने की कृपा करे ताकि भविष्य में कोई भी फर्जी रूप से उचित मूल्य दुकान न चला सके।
शिकायत के बाद अधिकारी आया हरकत में
भाजपा नेता की शिकायत के बाद खाद्य अधिकारी हरकत में आया और दुकान की जांच कर निलंबित करने का अनुशंसा किया गया है। जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धरमजयगढ़ ने मंजु कुर्रे द्वारा संचालित तीन दुकान को निलंबित कर दिया है। मजेदार बात है कि भाजपा नेता की शिकायत पर राशन दुकान को तो निलंबित कर दिया है लेकिन शिकायतकर्ता भाजपा नेता ने खाद्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है क्या भाजपा नेता द्वारा लगाये गये गंभीर आरोप पर भी कार्यवाही होगी?