जोहार छत्तीसगढ़ – धरमजयगढ़।
पशुओं के घायल होने या बीमार पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने 112 की तर्ज पर 1962 टोल फ्री नंबर के माध्यम से मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा शुरू की है। धरमजयगढ़ क्षेत्र को भी मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर इस सुविधा का अपेक्षित लाभ पशुपालकों को नहीं मिल पाने की शिकायत सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी घायल या बीमार पशु के इलाज के लिए 1962 नंबर पर फोन किया जाता है, तो कई बार जवाब मिलता है कि “अभी नहीं आ सकते।” ऐसे में सवाल उठता है कि यदि जरूरत के समय मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन मौके पर नहीं पहुंचता, तो फिर इस एंबुलेंस सुविधा का उद्देश्य क्या रह जाता है?
पशुपालकों के मुताबिक कई बार यह भी कहा जाता है कि आज छुट्टी है, इसलिए वाहन उपलब्ध नहीं हो पाएगा। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवा में तैनात वाहन छुट्टी के दिन कैसे बंद रह सकता है।
सरकार ने पशुधन के संरक्षण और घायल पशुओं को समय पर उपचार दिलाने के लिए यह सुविधा शुरू की है। ऐसे में यदि 1962 पर कॉल करने के बावजूद वाहन मौके पर नहीं पहुंचता, तो यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय पशुपालकों एवं गौ सेवकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच कर 1962 सेवा और मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि आपात स्थिति में कॉल मिलने पर पशु चिकित्सा वाहन समय पर मौके पर पहुंचे।








