जोहार छत्तीसगढ़-कुनकुरी।
छत्तीसगढ़ राज्य की सडक़ क्रमांक 17 से कुंजारा से कोरंगा सडक़ को बदहाल होने से रोकने लगाया गया बैरिकेट्स उस समय ग्रामीणों के गले की फ ांस बन गया। जब ठेकेदार ने अपने गुर्गों समेत थाना पहुंच कुंजारा निवासी तीन युवकों के विरुद्ध शिकायत पर कार्यवाही करते हुए तीन में से दो युवकों को थाना कुनकुरी लाकर बैठाया गया। जिसकी सूचना कुनकुरी उप सरपंच द्वारा फ ोन पर सामाजिक कार्यकर्ता अरुण शर्मा को दी गयी। जिस पर संज्ञान लेते हुए अरुण शर्मा थाना कुनकुरी पहुंच थाना प्रभारी से उठाकर लाये गए युवकों के सम्बंध में सवाल किया गया। जिसके जवाब में थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया उक्त युवकों ने ठेकेदार बसंत कुमार वर्मा के हाइवा को कुंजारा से कोरंगा मार्ग पर नहीं जाने देने बैरिकेट्स लगाकर गाडिय़ों को रोकने का प्रयास किया। जिसकी ठेकेदार बसंत कुमार वर्मा द्वारा शिकायत करने पर उक्त युवकों को उठाकर थाना लाया जाना स्वीकार किया। प्राप्त सूचना के आधार पर खबर सारांश इस तरह है ग्राम पंचायत कुंजारा से ग्राम पंचायत कोरंगा तक संसदीय सचिव यूडी मिंज की पहल पर 2019 में बने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ पर 30 टन वाहन सहित पासिंग की अनुमति है मगर ठेकेदार बसंत वर्मा द्वारा उक्त सडक़ का उपयोग अपने निजी कार्यों के लिए किया जाने लगाए जब ग्राम कुंजारा के वासियों द्वारा ठेकेदार का विरोध किया गया तब ठेकेदार के गुर्गों द्वारा तुम्हरे बाप का सडक़ नहीं है जो करना है कर लो कहकर उक्त सडक़ पर जबरदस्ती गाडिय़ां चलाने लगे जिससे आक्रोशित ग्रामीण लामबंद हो उक्त सडक़ के मुहाने एनएच 17 के समीप बैरिकेट्स लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश बन्द करने की कोशिश की गई जिससे आक्रोशित हो ठेकेदार द्वारा कुनकुरी थाने में ग्रामीणों के विरुद्ध शिकायत कर दिया गया कुनकुरी पुलिस मामले में कार्यवाही करते हुए दो युवकों को उठाकर थाने ले आयी। बसंत कुमार वर्मा त्रिदेव बस के मालिक हैं जो छाताबर के पास रहते हैं जिनका एक खदान खारीझरिया शिव मंदिर के सामने संचालित है। उक्त खदान की लीज मंदिर के एन सामने आबादी क्षेत्र में क्यों दी गयी जांच का विषय है उक्त खदान में होने वाले विस्फ ोट से उडऩे वाले छोटे बड़े पत्थरों का मंदिर परिसर एवं आस पास निवासरत ग्रामीणों के घरों पर गिरना आम बात है। ग्रामीण इमिल निवासी खारीझरिया उक्त खदान की वजह से खासे परेशान हैं गरीब ग्रामीण इमिल किसके पास शिकायत करें की उनकी समस्या का समाधान हो सके इस वजह से चुप हैं ठेकेदार द्वारा घर की छत टूटने मामूली रकम दे इमिल का मुंह बंद करने अब तक कामयाब रहे हैं मगर उक्त खदान की वजह से ग्रामीण अन्यत्र पलायन करने बाध्य हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अरुण शर्मा ने थाने जाकर कुंजारा के निर्दोष युवकों को छुड़ाया साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को लामबंद होकर ठेकेदार बसंत वर्मा के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लडऩे सलाह दी है समाचार लिखे जाने तक थाना कुनकुरी ने उक्त युवकों को समझाइश देकर छोड़ दिया गया है साथ ही उन्हें कानूनन इस लड़ाई को आगे बढ़ाने सलाह दी गयी है।



