धरमजयगढ़-जोहार छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ शासन गरीबों को घर मिले इसलिए शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर घर बनाकर रह रहे लोगों को एक निर्धारित दर लेकर पट्टा देने की योजना चला रही है। लेकिन धरमजयगढ़ में कुछ भू माफियाओं ने इस योजना का नाजायज लाभ लेते हुए नगर के हृदय स्थल बस स्टैण्ड में बेजा कब्जाकर करोड़ों की शासकीय भूमि पर बेजा कब्जाकर दुकान संचालित कर रहे हैं। और अब जब शासन बेजा कब्जाधारियों को इसका पट्टा दे रहे हैं तो ये भू माफिया इस बेसकीमती जमीन का पट्टा का मांग कर रहे हैं। अगर इस भू-माफिया को धरमजयगढ़ के हृदय स्थल कहे जाने वाला बस स्टैण्ड का बेस कीमती जमीन का पट्टा दे दिया जाता तो शासन का लाखों का राजस्व क्षति होगा। स्थानीय प्रशासन को चाहिए की इस भू-माफिया के चंगूल से शासकीय बेसकीमती जमीन को खाली करवाकर प्रशासन अपने पक्ष में ले। ये भू-माफिया सिर्फ धरमजयगढ़ के हृदय स्थल पर ही नहीं नगर के कई वार्डों में बेजा कब्जा कर मकान बनाकर किराये में दे रखा है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि ऐसे भू-माफिया को शासकीय दर पर बेजा कब्जा का पट्टा ना देे। बल्की ऐसे भू-माफिया के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए बेदखल की कार्यवाही करें। ताकि ऐसे भू-माफियाओं का हौसला पस्त हो सकें। आपको बता दे कि ये भू-माफिया वार्ड क्रमांक 6 के गरीब महिला के घर पर भी जबरन बेजा कब्जा कर लिया है और गरीब महिला को जबरन घर से भगाने का प्रयास किया गया था। जिसकी शिकायत महिला ने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक द्वारा लगाये गये धरमजयगढ़ थाने में जन चौपाल कार्यक्रम में लिखित में किया था।
बेदखल कर नगर पंचायत बनाये दुकान
अफैक्स बैंक के बगल से बेजाकब्जा कर दुकान बनाने वालों को नगर पंचायत द्वारा बेदखल कर दुकान बनाकर खुली नीलामी करवाया, अगर नगर पंचायत ऐसा करता है तो दुकान की खुली नीलामी में नगर पंचायत को लाखों नहीं करोड़ों का राजस्व आय प्राप्त होगा। और वर्षों तक इसका किराया भी नगर पंचायत को मिलता रहेगा। और अगर स्थानीय प्रशासन नगर पंचायत को दुकान बनाने की अनुमति नहीं देते हैं तो स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि लाखों-करोड़ों बेस कीमती जमीन को बेजा कब्जाधारियों से मुक्त करवाकर जमीन की खुली नीलामी करवा जाये ताकि शासन को जमीन की उचित दाम मिल सकें।

