जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
बेमेतरा जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों की कारनामे अजब-गजब का देखने को मिलता रहता है जहां पत्रकारों द्वारा जब सूचना देने के लिए फोन किया जाता है। क्योंकि अधिकारीयों को जानकारी मिले और मौके पर पहुंच कर कार्यवाही करे लेकिन बेमेतरा जिले के अपने अपने विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ना तो फोन रिसीव करते हैं और फोन उठा भी लेते है तो अवैध कारोबार का नाम सुनते हि फोन काट दिया जाता है जिनके नतीजा यह है कि अपराध और अवैध कारोबार को बढ़ावा देना स्पष्ट नजर आ रहा है ऐसे अधिकारी कर्मचारियों जो बेमेतरा जिला में चल रहे अवैध कारोबार कों रोक नही पा रहा वह किस काम का जो जिले के राजस्व का हनन कर काफी प्रभावित कर रहा है और ऐसे लोगों को पनाह देना और निष्क्रियता विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के वजह से प्रशासन को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। अगर सम्लिप्त होकर सरकार कों राजस्व का चुना लगाने में शामिल होने वाले भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि बेमेतरा जिला में राजस्व का दोहन ना हो, जब पत्रकारों के द्वारा सूचना दिया जाता है तो बातो को गोल मोल करते हुवे जांच करने के नाम लेकर मौके पर नही पहुंचते जिसमे आखिर कार विभागीय अधिकारी कों इतना डर किसका है..? यह बात तो नही कि पत्रकारों का फोन नही उठाना मतलब यह तो नही कि अवैध कारोबार कों लेकर फोन आएगा और जांच कर कार्यवाही करने का बात कहेगा.. इसी बातों को लेकर के क्या भयभीत है अधिकारी या कमीशन के लिफाफे में अधिकारियों के हाथ बंधे तो नहीं…यह एक बड़ी सवाल है।



