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फर्जी डीएसपी बनकर 72 लाख की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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जोहार छत्तीसगढ़-कुसमी।
पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो खुद को मध्यप्रदेश पुलिस का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। आरोपी का नाम संतोष कुमार पटेल पिता रविनाथ पटेल उम्र 29 वर्ष निवासी पडख़ुरी पचोखर थाना चुरहट जिला सीधी (म.प्र.) बताया गया है। मामला थाना कुसमी जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का है, जहां अपराध क्रमांक 92/2025 धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कुल 72 लाख रुपये (72,00,000) की ठगी की है।

कैसे रची ठगी की कहानी

पुलिस के मुताबिक आरोपी संतोष वर्ष 2016 में ए.साई कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर के रूप में काम करता था। कंपनी सामरी-जलजली-श्रीकोट मार्ग निर्माण का कार्य कर रही थी, और आरोपी वहीं कैंप में तैनात था। इसी दौरान उसकी पहचान ग्राम कंजिया निवासी ललकी बाई से हुई, जो पास के जंगल में बकरियां चराने जाती थी। दोनों के बीच मोबाइल के माध्यम से बातचीत शुरू हुई, जो वर्षों तक जारी रही।
काम छोडऩे के बाद आरोपी ने झूठा दावा किया कि उसकी मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर नियुक्ति हो गई है, और वह ललकी बाई के बच्चों को भी पुलिस विभाग में नौकरी दिला सकता है — लेकिन इसके लिए पैसे लगेंगे। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से कभी बच्चों की नौकरी लगवाने तो कभी पत्नी या बहन की तबीयत खराब होने का हवाला देकर पीडि़ता से कुल 72 लाख की राशि अपने यूनियन बैंक खाते (संख्या 396202010055766) एवं फोनपे के माध्यम से प्राप्त कर ली।

पुलिस की सक्रियता से पकड़ा गया आरोपी

पीडि़ता की शिकायत पर थाना कुसमी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी इम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित कर मध्यप्रदेश भेजा गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी संतोष कुमार पटेल को सीधी जिले के पडख़ुरी पचोखर गांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी न्यायिक रिमांड पर गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

अधिकारियों का रहा विशेष योगदान

पुलिस कार्रवाई में थाना प्रभारी उ.नि. विरासत कुजूर, स.उनि. रमेश तिवारी, स.उनि. दीपक बड़ा तथा आर. क्रमांक 598 धीरेन्द्र चंदेल का सराहनीय योगदान रहा। कुसमी पुलिस ने बताया कि इस तरह की ठगी करने वालों से सावधान रहने की आवश्यकता है और किसी भी नौकरी या सरकारी कार्य के नाम पर पैसे मांगने वालों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

 

 

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