जोहार छत्तीसगढ़-बेमेतरा।
बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड के सरकारी स्कूल में कब होगा सुधार, बच्चों को पढ़ाने के बजाए शिक्षक फोन चलाने में मस्त और बच्चे पढ़ाई के लिए तरस्त यह पुरा वाक्य शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल तारेगांव का है जहां बच्चों को शिक्षा देने के बजाय शिक्षक फोन चलाने में व्यस्त और उनके आंखों के निचे बच्चे किस तरीके बैठे सोये हुए यह सरकारी स्कूल का दृश्य जब मीडिया मौके पर पहुंचकर सच्चाई उजागर करने के लिए वीडियो बनाया तो शिक्षकों ने आग जैसे बबूला हो गये और जिला शिक्षा अधिकारी का परमिशन दिखाने की बात कही जब कुछ दिन पहले जिला शिक्षा अधिकारी से पत्रकारों ने बात की थी। तो शिक्षक को परिचय देकर जा सकते हंै यह बात कहा जब मीडिया जाएगी नहीं तो सच्चाई की खबर जनता के बीच कैसे आएगी, शिक्षक अपने नाम लगे छुपाने यह बातों से साफ जाहिर होता है की शिक्षक अपने कमजोरी को छुपाने में तो नहीं लगे हंै लेकिन ऐसे मनमर्जी का राज चलाने वाले शिक्षकों के ऊपर जिम्मेदार अधिकारी मेहरबान क्यों हैं। आखिर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षक के ऊपर क्यों नहीं कब होगी कार्यवाही, आखिर संरक्षण तो नहीं दे रहे ऐसे मनमर्जी का राज चलाने वाले शिक्षकों को।



