जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
त्यौहारों की रौनक के साथ ही धरमजयगढ़ क्षेत्र में मदिरा बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। शासकीय दारू दुकान से झोले में भर-भरकर कोचिये शराब बाहर ले जाते देखे जा रहे हैं। नतीजतन, स्थानीय मदिरा प्रेमियों को अपनी पसंद का ब्रांड तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा। यह पूरा खेल दुकान में पदस्थ सेल्समैन की मिलीभगत से संचालित होने की बातें सामने आ रही है। बता दें, त्यौहार के मौसम में जहां रावण दहन और विजयादशमी जैसे सांस्कृतिक आयोजन हो रहे हैं, वहीं गांधी जयंती के अवसर पर घोषित शुष्क दिवस की पूर्व दो दिन पहले शराब की बिक्री अचानक चरम पर पहुंच गई है। विभाग की उदासीनता के कारण अवैध मदिरा कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं, जो खुलेआम अपनी सक्रियता से ग्रामीण और शहरी इलाकों तक शराब पहुंचा रहे हैं। वहीं स्थानीय जनमानस का कहना है, कि प्रशासन यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं देता, तो शुष्क दिवस और त्योहारों की आड़ में अवैध कारोबार और अधिक बढ़ सकता है।
शुष्क दिवस पर धरमजयगढ़ में खूब बिकेगा अवैध अंग्रेजी शराब?
प्रशासन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती होने के कारण शुष्क दिवस घोषित किया है, लेकिन जिला प्रशासन का यह आदेश की धज्जियां धरमजयगढ़ क्षेत्र में उड़ाने की तैयारी शराब तस्कर शुरू कर दिया है। शुष्क दिवस से 2-3 दिन पहले से ही अवैध शराब बिक्रेता औ शराब दुकानदार की मिलीभगत से भारी मात्रा में शराब की तस्करी की जा रही है? शराब तस्करों को तीन-तीन थैला भरकर शराब बेचा जा रहा है ताकि 2 अक्टूबर यानि दशहरा के दिन अधिक दामों में शराब तस्कर शराब बेच सकें। ऐसे करके शराब दुकानदार और अवैध शराब बिके्रता त्योहार में खलल डालने का काम करने में लगे हैं? स्थानीय पुलिस प्रशासन को चाहिए कि शराब दुकान का सीसी टीवी कैमरा चेक कर अवैध शराब भंडर करने वाले शराब तस्कर पर कड़ी कार्यवाही करें ताकि त्योहार में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न घट सकें।



