जोहार छत्तीसगढ़- बलरामपुर।
बलरामपुर जिले में गौ-तस्करी की एक बड़ी वारदात को विधायक की सजगता और प्रशासन की तत्परता से टाल दिया गया। बीते गुरुवार 25 सितंबर की रात को सामरी क्षेत्र की विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा की सक्रियता से 22 नग मवेशियों को तस्करी से बचा लिया गया। इन मवेशियों को तुरंत बासेन स्थित गौ रक्षा सेवा आश्रम में सुरक्षित पहुंचाया गया है।
घटना का विवरण
विधायक उद्धेश्वरी पैकरा बलरामपुर जिले में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात अंबिकापुर लौट रही थीं। रास्ते में जब वे पस्ता थाना क्षेत्र के पास पहुंचीं, तो उन्होंने कुछ लोगों को संदिग्ध रूप से मवेशियों के साथ खड़े देखा। यह दृश्य देख उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने गाड़ी रुकवाकर मौके पर पहुंचकर उन लोगों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने बताया कि उन्हें इन मवेशियों को बॉर्डर पार कराने के लिए पैसे दिए गए हैं और यह मवेशी उनके खुद के नहीं हैं। यह सुनकर विधायक तुरंत एक्टिव मोड में आईं और तत्काल पुलिस प्रशासन तथा गौ रक्षा सेवा समिति को फोन कर पूरी जानकारी दी।
प्रशासन और गौ-रक्षक दल की कार्रवाई
विधायक की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, गौ रक्षा सेवा समिति के सदस्य और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। समय रहते कार्रवाई करते हुए 22 नग मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया और उन्हें सुरक्षित रूप से बासेन गौशाला भेजा गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
तस्करों से पूछताछ
पुलिस ने मौके पर मिले संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह मामला अंतरराज्यीय गौ-तस्करी से जुड़ा हो सकता है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों से मवेशियों को चोरी या अवैध खरीद कर तस्करी के लिए ले जाया जाता है।
गौ-तस्करी की बढ़ती घटनाएं-प्रशासन के लिए चुनौती
यह कोई पहली घटना नहीं है। बलरामपुर जिले विशेषकर कुसमी-सामरी थाना क्षेत्र और बॉर्डर इलाकों में गौ-तस्करी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई पशुपालकों द्वारा अपने मवेशियों के गुम हो जाने की शिकायतें थाने में दर्ज कराई गई हैं। प्रशासन लगातार सख्ती और गश्त बढ़ाने के प्रयास में है, फिर भी तस्कर नई तरकीबों से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में लगे हुए हैं। विधायक पंैकरा की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि जनप्रतिनिधि यदि सजग और सक्रिय रहें तो अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन से सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने की अपील की।
* मैंने मौके पर संदिग्ध गतिविधि देखी और तत्काल जांच की तो मामला गौ-तस्करी का निकला। प्रशासन और गौ रक्षा समिति की त्वरित कार्रवाई से मवेशियों को बचाया जा सका। हम सभी को मिलकर गौ-तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के खिलाफ एकजुट होना होगा।
विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा
समाजसेवियों और स्थानीय जनता की सराहना
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों, गौ-सेवकों, और समाजसेवियों ने विधायक के इस कदम की सराहना की और प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।



