जोहार छत्तीसगढ़-धरमजयगढ़।
धर्म और संस्कृति की पावन धरा धरमजयगढ़ आगामी 14 अगस्त को एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि एवं संस्कृति गौरव सम्मेलन के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धरमजयगढ़ पधारेंगे। इस भव्य समारोह में जनजातीय अस्मिता, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान किया जाएगा। वहीं आचार्य राकेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जूदेव की जीवनी का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनजातियों, आदिवासियों और इस क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। राजनीतिक मंच से लेकर जनसेवा के हर मोर्चे पर जूदेव ने अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। अखिल भारतीय संघ समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत ने निर्णय लिया है कि उनकी पुण्यतिथि को विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जाएगा, जिसमें बैगा, पंडो, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लोगों का विशेष सम्मान होगा। आगे उन्होंने बताया कि इस श्रृंखला का प्रथम सम्मेलन जशपुर में, दूसरा पत्थलगांव के किलकिला में और अब तीसरा सम्मेलन धरमजयगढ़ में भव्यता के साथ आयोजित होगा। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश के कई वरिष्ठ भाजपा नेता, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा सम्मेलन में क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा होने के साथ ही नई सौगातों की उम्मीदें भी बंधी हैं। और वहीं आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने अपनी टीम के साथ स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल शास्त्री, भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष टीकाराम पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार, उपाध्यक्ष जगन्नाथ यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष भरत साहू, विवेक पाण्डेय सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वहीं नगर व पुरे क्षेत्रवासियों को यह उम्मीद है,कि यह सम्मेलन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर होगा, बल्कि धरमजयगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।



